कांग्रेस पार्षदों की निगम आयुक्त को चेतावनी, जनता की सुन लो..
बीकानेर। आवारा पशुओं की समस्या और शहर की समस्याओं के समाधान को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने आज नगर निगम आयुक्त का घेराव किया और निगम प्रशासन चेतावनी दी कि अगर आमजन की नहीं सुनी तो मुख्यमंत्री के यहां आगमन पर विरोध किया जाएगा।
निगम में नेता प्रतिपक्ष जावेद पड़िहार के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेस पार्षदों ने आयुक्त प्रवीण गवांडे को दस सूत्री ज्ञापन दिया और शहर में सफाई, प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने, आवारा पशुओं को पकड़ने की मांग रखी।
कांग्रेस पार्षदों ने बताया कि शहर में आवारा पशुओं की समस्या बढ़ती जा रही है। परेशान लोग निगम प्रशासन को आत्महत्या करने के लिए पत्र लिख रहे हैं। वहीं एक व्यक्ति ने कल आवारा पशुओं की समस्या से पीड़ित एक ने कल आत्महत्या करली, लेकिन निगम प्रशासन लापरवाह बना हुआ है।
कांग्रेस पार्षदों ने निगम आयुक्त को कहा कि शहर में अवैध निर्माण बेतहाशा हो रहे हैं, लेकिन नगर निगम उन पर कार्रवाई नहीं कर रहा है। अवैध निर्माण को बन्द करवा कर सीज किया जाए।
जिस प्रकार भाजपा पार्षदों के वार्डों में विकास कार्य करवाए जा रहे हैं, उसी प्रकार कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में भी जनता से जुड़े कार्य कराए जाएं। बंद पड़ी एलइडी लाइटों को सही करवाने का कार्य दोबारा शुरू करवाया जाए।
शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। नवनियुक्त सफाई कर्मचारियों को बिना भेदभाव किए सभी साठ वार्डों में समान संख्या में लगाए जाएं और प्रत्येक वार्ड में एक ट्रेक्टर कचरा उठाने के लिए लगाया जाए।
आवारा पशु शहर में बहुत से लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं, लेकिन निगम प्रशासन नहीं जाग रहा है। आवारा पशुओं को पकड़ने की व्यवस्था सुचारू करवाई जाए।
शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की ठेकेदार द्वारा मैन्युअली सफाई करवाई जाए। साधारण सभा की बैठक बुलाई जाए जिसमें सभी पार्षद जनहित के मुद्दों पर अपनी बात कह सकें।
कांग्रेस पार्षदों ने निगम आयुक्त को चेतावनी दी कि अगर समय रहते उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो वे यहां प्रस्तावित राजस्थान गौरव यात्रा के दौरान सरकार का विरोध करेंगे।
ज्ञापन देने गए प्रतिनिधिमण्डल में जावेद पड़िहार के साथ शहाबुद्दीन, आदर्श शर्मा, हजारी देवड़ा, समीमुल्लाह, परमानन्द सहित कई पार्षद शामिल रहे।
कांग्रेस पार्षदों के साथ भेदभाव : पडिहार
निगम में प्रतिपक्ष नेता जावेद पड़िहार का कहना है कि महापौर और निगम आयुक्त कांग्रेस पार्षदों के साथ भेदभाव करते हैं। कांग्रेस पार्षदों वाले वार्डों में विकास कार्य नहीं करवाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री बजट में शहर के विकास के लिए राशि आवंटित की गई है लेकिन निगम अधिकारी कभी यूआईटी तो कभी पीडब्ल्यूडी का कह कर विकास कार्य टाल देते हैं। शहर के सभी साठ वार्डोंं में समस्याओं को लेकर जनता परेशान हैं लेकिन निगम उनकी सुनता ही नहीं हैं।











