खत्म हो चुका सरकार का इकबाल; डोटासरा

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नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी सरकार पर साधा निशाना

10 सूत्री मांग पत्र पर बनी सहमति, धरना स्थगित

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं व बॉर्डर क्षेत्र में धार्मिक स्थलों के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने जिला कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव और घेराव का आयोजन किया। घेराव में पीसीसी अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली शामिल हुए।

मीडिया से बातचीत में डोटासरा ने कहा कि पहले 1994 वाले समझौते में जहां राज्य को 12 महीने पानी मिलने की व्यवस्था थी, अब केवल चार महीने पानी मिलेगा। इस समझौते से शेखावटी को एक बूंद पानी नहीं मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय केंद्र की सरकार ने इस पर स्वीकृति नहीं दी थी, जबकि अब राजनीतिक लाभ के लिए इसे स्वीकार किया जा रहा है। उन्होंने भाजपा पर केवल इवेंट मैनेजमेंट की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल एमओयू पर हस्ताक्षर करने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता। वहीं, उन्होंने पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। अस्पतालों में मरीजों की मौत हो रही है, जबकि जेलों में हत्या जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।

 

उन्होंने कहा कि सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है, कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है और अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद हो रहे हैं। डोटासरा ने बॉर्डर क्षेत्र में धार्मिक स्थलों को तोड़े जाने के मुद्दे को उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में सामाजिक और धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कुछ लोग धार्मिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाकर समाज में तनाव पैदा करना चाहते हैं ताकि राजनीतिक लाभ लिया जा सके। डोटासरा ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय मामलों पर कहा​कि ट्रस्ट से जुड़े लोगों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और इन मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, उन्होंने एमपी के एक मंत्री के अधिकारियों के आरएसएस की चड्डी पहनकर आने के बयान पर पलटवार करते हुए कहाकि राजस्थान में आरएसएस की चड्डी बनकर किसी अधिकारी ने गलत काम किया तो उसको हम छोड़ेगे नहीं।

 

वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है और अब इनका अंत निश्चित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है,लोग इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन अब हालात ऐसे हो गए हैं कि मरीज और उनके परिजन सरकारी अस्पतालों में जाने से भी डरने लगे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों और इंजेक्शनों की गुणवत्ता तक पर सवाल उठ रहे हैं तथा स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जुली ने कहा कि कांग्रेस जनता के हर मुद्दे पर कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ेगी, राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस जनता के अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगी और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार को जवाबदेह बनाएगी।

कांग्रेस के महापड़ाव और घेराव के बाद स्थानीय प्रतिनिधि मंडल और प्रशासन में हुई वार्ता के बाद 10 सूत्रीय मांगपत्र पर सहमति बने के बाद पीबीएम के बहार चल रहा धरना कांग्रेस ने स्थगित कर दिया है।

#Kaant K. Sharma / Bhawani Joshi 

www.newsfastweb.com

 

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