खादी उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिए बनाई जाएगी योजना
बीकानेर। ‘ महात्मा गांधी ने खादी को घर-घर पहुंचाने का सपना देखा, लेकिन इस दौरान अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियां आई और आमजन, खासकर युवा इससे दूर होने लगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की सोच है कि खादी एक बार फिर आमजन तक पहुंचे। आज के दौर में इस पर अनेक संकट हैं, इन्हें दूर करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।’ ये कहना है राजस्थान खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई का।
विश्नोई आज बीकानेर विशुद्ध खादी ग्रामोद्योग समिति के रजत जयन्ती वर्ष समारोह में शिरकत करने यहां आए हैं। उन्होंने इस अवसर पर समिति के नए भवन का उद्घाटन भी किया।
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश के सभी पेट्रोल पम्पों पर कार्यरत कर्मचारी खादी के कपड़े पहने, इसके प्रस्ताव पिछले दिनों केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री को भिजवाए गए हैं। इसी प्रकार नरेगा को इससे जोडऩे का सुझाव भी दिया गया है।
बोर्ड की ओर से राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाया गया है कि इससे संबंधित स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण संस्थाओं के माध्यम से करवाए जाएं।
यदि प्रत्येक संस्थान 50 युवाओं को प्रशिक्षण दे पाएगी तो प्रदेश की तीन सौ संस्थाओं के माध्यम से 15 हजार प्रशिक्षित युवा तैयार हो जाएंगे। इसका उत्पादन बढ़ेगा तथा नई पीढ़ी तक इसकी पहुंच हो पाएगी। उन्होंने कहा कि खादी के उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री की योजना भी तैयार की जा रही है।
बोर्ड सचिव अल्पा चौधरी ने बोर्ड की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया। कांग्रेस नेता जर्नादन कल्ला ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता इंदुभूषण गोयल ने की।
समारोह में संस्था सचिव श्रीकृष्ण व्यास, बोर्ड के डायरेक्टर बीएल मीणा, सहायक निदेशक शिशुपाल सिंह, संस्था अध्यक्ष सूरजनारायण, गोकुल जोशी, कमल कल्ला, हजारीमल देवड़ा, सीताराम गर्ग सहित बहुत से लोग मौजूद रहे।