अधिकारियों की ली बैठक, अधिवक्ताओं के साथ की वार्ता
बीकानेर। दो दिवसीय दौरे पर बीकानेर पहुंचे राजस्व मंडल के अध्यक्ष वी.श्रीनिवास ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियो की बैठक ली और अधिवक्ताओं के साथ वार्ता की। इससे पहले सर्किट हाउस में कलक्टर डॉ. एनके गुप्ता की अगुवाई में उनका स्वागत किया गया।
उन्होंने जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों में लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की समीक्षा की तथा कहा कि राजस्व न्यायालयों में नियमित रूप से बैठने तथा मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। वी.श्रीनिवास ने राजस्व तथा उपनिवेशन विभाग में समन्वय रखने को कहा।
श्रीनिवास ने लैंड रिकॉर्ड कम्प्यूटराइजेशन, मॉडल तहसील श्रीडूंगरगढ़ में इस कार्य की प्रगति तथा डिजिटाइजेशन ऑफ केडस्टल मैप के बारे में जानकारी ली। नामांतरकरण, खाता दुरूस्ती, खाता विभाजन, सीमाज्ञान, गैर खातेदारी से खातेदारी तथा रास्तों से संबंधित प्रकरणों के निस्तारण के बारे में जाना। राजस्व अपील अधिकारी के पास आने वाली अपीलो की संख्या एवं प्रकृति के बारे में जानकारी ली।
बैठक में संभागीय आयुक्त हनुमान सहाय मीणा, कलक्टर डॉ. एनके गुप्ता, उपनिवेशन आयुक्त लक्ष्मीनारायण मीणा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) यशवंत भाकर, राजस्व अपील अधिकारी डॉ. राकेश कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर (नगर) शैलेन्द्र देवड़ा सहित विभिन्न राजस्व अधिकारी मौजूद थे।
राजस्व अधिवक्ताओं से की वार्ता
श्रीनिवास ने कलक्ट्रेट सभागार में राजस्व अ
धिवक्ताओं के साथ वार्ता की। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं द्वारा उठाए गए मुद्दों पर राजस्व मंडल द्वारा सकारात्मक निर्णय लिए जा रहे हैं। लंबित राजस्व प्रकरणों के निस्तारण को उन्होंने सर्वोच्च प्राथमिकता बताया कहा कि पूर्व में जहां राजस्व मंडल द्वारा लगभग 550 मामले हर महीने निस्तारित होते थे, वहीं अब निस्तारित मामलों की संख्या बढक़र 1 हजार प्रति महीने तक पहुंच गई है। गत छह महीनों में 7 हजार मुकदमें निस्तारित किए गए हैं।
श्रीनिवास ने कहा कि राजस्व मंडल द्वारा नवाचार करते हुए ई-मित्र प्लस पर आरसीएमएस की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, जिससे किसानों को गांव-गांव में राजस्व मंडल व न्यायालयों के निर्णय व केस स्टेटस की जानकारी मिलने लगी है। राजस्व मंडल द्वारा 5 लाख 74 हजार मुकदमों के स्टेटस तथा 2 लाख 15 हजार निर्णय की जानकारी इस पर अपलोड की गई है।
उन्होंने कहा कि एसडीओ कोर्ट में ‘क्वालिटी ऑफ जजमेंट राइटिंग’ की ओर उनका सर्वोच्च ध्यान है।
इस दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता आरके दासगुप्ता, ओम प्रकाश आचार्य, बच्छराज कोठारी, सुरेश व्यास, बार एसोशिएसन अध्यक्ष संतनाथ योगी, जगदीश आचार्य सहित विभिन्न अधिवक्ता मौजूद थे।











