क्रिप्टो और हवाला से भेजते थे करोड़ों रुपये
कुछ दिनों पहले आपस में झगड़े थे दोनों आरोपी, पुलिस जांच में सारा खेल आ गया सामने
बीकानेर। आपराधिक गैंगों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना पुलिस ने कुख्यात ‘रोहित गोदारा गैंग’ के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो साइबर ठगी के पैसों से गैंग को आर्थिक सहायता पहुंचा रहे थे।
आरपीएस शालिनी बजाज ने बताया किगिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप स्वामी और मुकेश बिश्नोई, दोनों निवासी रामपुरा बस्ती, बीकानेर के रूप में हुई है।
पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी आम लोगों से साइबर फ्रॉड कर ठगी की राशि अपने और गैंग के अन्य साथियों के बैंक खातों में मंगवाते थे। इसके बाद, ‘फ्लोक्सि पे’ एप्लीकेशन के क्लोन टूलकिट के जरिए उस रकम को क्रिप्टो करेंसी में बदल कर गैंग के मुखियाओं तक पहुंचा देते थे। साथ ही हवाला के माध्यम से भी करोड़ों रुपये रोहित गोदारा गैंग के अन्य सदस्यों तक पहुंचाए जाते थे। इस ठगी के पैसे से गैंग के सदस्य अवैध हथियार खरीदते थे और लोगों को डरा-धमकाकर जबरन वसूली करते थे।
दर्ज हैं कई आपराधिक मामले
आरोपियों के बैंक खातों पर देश के विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की कुल 23 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें करीब 50 लाख रुपये का फ्रॉड पाया गया है। गैंग के अन्य खातों की भी जांच चल रही है। आरोपी संदीप स्वामी के खिलाफ पहले से ही मारपीट, अपहरण, धोखाधड़ी और अवैध हथियार रखने जैसे 4 गंभीर मामले दर्ज हैं, जबकि मुकेश बिश्नोई पर भी एक आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और इसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है।
गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले रामपुरा बस्ती में दोनों आरोपी किसी बात को लेकर झगड़ लिए थे। इस मामले में परस्पर रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी, जिसमें फायरिंग की बात भी कही गई थी। पुलिस ने प्रकरणों की जांच की तो सारा मामला सामने आ गया।
#Kaant K. Sharma / Bhawani Joshi
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