95 लाख ट्रकों के चक्के होंगे जाम, चार सूत्री मांगें
बीकानेर। देश भर में 20 जुलाई से ट्रकों की हड़ताल किए जाने की तैयारियां की जा रही हैं। ट्रांसपोर्ट यूनियनें दावे कर रही है कि 20 जुलाई से देशभर में लगभग 95 लाख ट्रकों के चक्के जाम हो जाएंगे।
जानकारी के मुताबिक टोल बैरियर हटाने और डीजल के दामों में कमी सहित चार मुख्य मांगों पर देश के ट्रांसपोर्ट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। लगभग 2 महीने से इस हड़ताल का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
ट्रांसपोर्ट यूनियनों का दावा है कि करीब 95 लाख ट्रक उस दिन देश भर में बंद होंगे और अगले आदेश तक नहीं चलेंगे। जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा तब तक ट्रकों की हड़ताल जारी रहेगी।
डीजल के बढ़े दामों और टोल टैक्स के मुद्दे पर ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि वे काफी वक्त से पिस रहे हैं, लेकिन इस बार वे आर-पार की लड़ाई सरकार से करने के मूड में हैं।
उनके अनुसार उनकी पहली मांग पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती हो और मूल्य वृद्धि पूरे देश में एक समान हो और हर तीन महीने बाद ही मूल्य का संशोधन हो। दूसरी मांग देशभर में सड़कों को टोल बैरियर से मुक्त करने की है।
देश भर के सभी टोल नाके जितना टैक्स सरकार को देते हैं उससे ज्यादा टैक्स अकेले ट्रक चालक ही सरकार को दे देते हैं। अगर सरकार चाहे तो पूरे साल का टैक्स ट्रक चालक एक साथ पहले ही जमा करा देंगे लेकिन हर रोज सड़कों पर उनके ट्रकों को खड़ा ना होना पड़े।
टोल नाकों पर इनका काफी मात्रा में डीजल भी जलता रहता है, इस कारण दोहरी मार ट्रांसपोर्टर को झेलनी पड़ती है।
टोल बैरियर मुक्ति का फायदा देशभर के लाखों वाहन चालकों को भी होगा क्योंकि ट्रक मालिकों का दावा है कि वे जब पूरा टैक्स टोल बैरियर का दे देंगे तो टोल बैरियर नहीं होगा तो कार और दूसरे चालकों को टोल टैक्स देना ही नहीं पड़ेगा।
ट्रांसपोर्ट यूनियनों के अनुसार अगर सरकार पहले ही उनकी मांगों को मान लेती है तो यह हड़ताल टाली जा सकती है। सरकार को ट्रकों की हड़ताल रोकने के लिए इस बार कारगर कदम उठाना ही होगा।