बीकानेर। आठ दिन पहले नोखा थाना क्षेत्र के सोवा गांव में हुई वृद्ध की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस शुक्रवार को तीनों को न्यायालय में पेश कर रिमांड मांगगी।
जानकारी के मुताबिक सोवा निवासी आसुराम पुत्र करणाराम की ओर से 17 मई को थाने में रिपोर्ट दी गई थी कि उसका चाचा रुघाराम (60) पुत्र सताराम 16 मई से लापता है। आस-पास क्षेत्र में तलाश की तो गुमानसिंह नाम के शख्स के खेत में बनी कुण्डी में उसके चाचा की लाश मिली।
हत्यया के आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा एक टीम गठन किया जिसका पर्यवेक्षण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) लालचन्द कयाल और नोखा सीओ बनवारीलाल मीणा को सौंपा गया। थानाधिकारी मनोज शर्मा ने मामले की जांच के दौरान दो-तीन दिनों तक घटनास्थल पर ही कैंप लगाया और कुछ विश्वसनीय साक्ष्य जुटाए। पूछताछ के दौरान सामने आया कि घटना के दिन हरियाणा नम्बर की बोलेरो जीप वहां आई थी जिसमें तीन जने सवार थे। थानाधिकारी को यह भी पता लगा कि हरियाणा की तरफ से वहां भेड़, बकरी व कबाड़ खरीदने के लिए लोग आते हैं। इसी दिशा में जांच करते हुए पुलिस ने हरियाणा के रतिया क्षेत्र से तीन युवकों को राउण्डअप किया और उनसे गहन पूछताछ की तो उन्होंने वृद्ध की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी मोनू उर्फ अनिल पुत्र किस्तुरीलाल, आशीर्वाद सिंंह पुत्र बीकरसिंह निवासी रामनगर और चमकीला उर्फ पिला पुत्र बंशीलाल निवासी स्कूल ढाणी के पास, रतिया के हैं। रिमाण्ड के दौरान पुलिस आरोपियों से हत्या की वजह जानने की कोशिश करेगी।
ये थे टीम में
थानाधिकारी मनोज शर्मा, हैड कान्स्टेबल भगवानसहाय, कान्स्टेबल अमृतलाल, देवेन्द्रकुमार, गौरव, कैलाश, राजूराम और साइबर सैल के दीपक यादव।