बीकानेर से जुड़े जालसाजों के तार
बीकानेर। कोलायत विधायक भंवरसिंह भाटी की आवाज निकालकर बीकानेर के एक व्यापारी से धोखाधड़ी करने के मामले पुलिस ने गिरोह का भण्डाफोड़ किया है। इन जालसाजों के तार बीकानेर से भी जुड़े बताए जा रहे हैं।
जयपुर के विश्वकर्मा थाना पुलिस ने इस मामले में बीकानेर मूल के हवाला कारोबारी ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि बीकानेर निवासी सुखदेव भी इस मामले में घोंची का साथी है। फिलहाल वह पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक जोधपुर जेल में बंद अपराधी सुरेश घोंची दूसरों की आवाज निकालने में माहिर है। उसने कोलायत विधायक भंवरसिंह भाटी के अलावा प्रदेश सरकार में मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह की आवाज निकाल कर राजसमंद के एक व्यापारी से भी 15 लाख रुपए ठग लिए थे।
विश्वकर्मा थाना पुलिस ने आरोपी के सहयोगी रकम वसूलने वाले दो हवाला कारोबारी व दो कूरियर कंपनी के कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपी सुरेश घोंची जोधपुर जेल में बंद है जो किसी भी रसूखदार और राजनेताओं की आवाज निकाल ठगी के लिए लोगों को फोन करता है। घोंची के खिलाफ 33 प्रकरण दर्ज हैं। उसने 24 जून को बांरा से ली गई मोबाइल सिम चालू की थी। नेताओं और मंत्रियों दूसरे रसूखदारों से मदद के नाम पर रुपए मांगता और अपने किसी परिचित को रकम लेने भेजने का हवाला देता था।
आरोपी ने कोलायत विधायक भाटी के नाम से बीकानेर में छह व्यापारियों को फोन किया। चार व्यापारियों ने फोन की तस्दीक कर ली। जिससे उनकी तो रकम बच गई लेकिन एक व्यापारी ने बीकानेर में ही घोंची की ओर से भेजे गए शख्स को 15 लाख रुपए दे दिए, लेकिन शक होने पर रुपए हाथों हाथ वापस ले लिए।
पुलिस ने आरोपियों से मंत्री पुष्पेन्द्रसिंह राणावत की आवाज निकाल राजसमंद के व्यापारी से लिए 9 लाख रुपए भी बरामद किए हैं।
जयपुर डीसीपी अशोक गुप्ता के हवाले से आई खबर के मुताबिक गिरफ्तार बीकानेर मूल के हवाला कारोबारी ओमप्रकाश हाल झोंटवाड़ा-जयपुर, हवाला कारोबारी नंदलाल, कूरियर कर्मचारी श्यामलाल व शशिकांत सीकर के रहने वाले हैं।
ठगी का मुकदमा दर्ज होने के बाद करीब 8 घंटे में विश्वकर्मा थानाधिकारी कैलाश जिंदल ने जोधपुर जेल में बंद सुरेश उर्फ भेरिया की जानकारी जुटा ली थी। यह भी सामने आया कि आरोपी किसी की भी आवाज निकाल सकता है और इस तरह के उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं।
उसने प्रदेश के कई जिलों में अपने आदमी तैयार कर रखे हैं, जो व्यापारियों से रुपए लेने का काम करते हैं और इस एवज में घोंची से हवाला की रकम हासिल करते हैं।











