‘उन खास दिनों’ पर अब ‘चुप्पी’ तोड़ेंगी बेटियां

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महिला अधिकारिता विभाग ‘मासिक धर्म दिवस’ मनाने की तैयारी में

बीकानेर। इस अतिआधुनिक युग में भी पीरियड्स पर बात करना बेटियों के लिए सहज नहीं है। वे अब भी इस पर बात करने से कतराती हैं और झिझक महसूस करती हैं। इस झिझक को तोडऩे के लिए सरकार ‘मासिक धर्म दिवस’ मनाने की तैयारी कर रही है। इस दिवस के माध्यम से पीरियड्स में अवेयर रहने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सीख दी जाएगी। इतना ही नहीं किशोरियों को इसकी सही जानकारी सही उम्र में मिल सके, इसके लिए ‘चुप्पी तोड़ो’ दिवस भी मनाया जाएगा।

दरअसल, महिला अधिकारिता विभाग ने महिला स्वच्छता को गंभीरता से लेते हुए मासिक धर्म दिवस मनाने का फैसला लिया है। इसके लिए 28 मई के दिन का चयन किया गया है। इसे मनानेे  के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर ही सैनेटरी पैड बांटें जाएंगे। विभाग के अनुसार शहरों में तो लड़कियां जागरूक हो रही हैं, लेकिन गांवों व ढाणियों में अब भी  इसकी कमी नजर आ रही है। लड़कियां और महिलाएं आज भी पिरियड्स मेें कपड़ा उपयोग में लाती हैं। जिससे इनके बीमार होने और अन्य संक्रमित रोग होने का खतरा अकसर बना रहता है। चुप्पी तोड़ो मुहीम शुरू होने से न सिर्फ महिलाओं की झिझक टूटेगी बल्कि पुरुष भी इसके उपयोग की गंभीरता को समझ सकेंगे।

यह है बजट

इस साल की बजट घोषणा पर नजर डालें तो महिला स्वच्छता पर 76 करोड़ रुपए की बजट राशि निर्धारित की गई है। इसमें गांव, ढाणियां, कस्बों और शहरों में महिलाओं को अलग-अलग कार्यक्रमों, शिविरों, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यमों से पीरियड्स के बारे में जागरूक करना भी शामिल है।

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