तस्वीर बयां कर रही जनप्रतिनिधियों और नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही
बीकानेर। स्वच्छता मिशन की रेकिंग में सुधार आने पर खुशियां मनाने वाले जनप्रतिनिधि और नगर निगम के अधिकारी शहर में स्वच्छता मिशन की जमीनी हकीकत से शायद वाकिब नहीं हैं। जनप्रतिनिधियों और निगम के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। पिछले दो दिनों से शहर में हो रही बरसात की वजह से यह गंदगी सड़कों पर पसर गई है। जिसकी वजह से लोगों का सड़कों पर चलना ही मुश्किल हो गया है।
ये फोटो अमरसिंहपुरा स्थित लेक्चरर्स क्वार्टर (लाल क्वार्टर) के सामने की है। क्षेत्र में रहने वाले एक शख्स ने खींच कर इसे हमें भेजा है।
क्षेत्रवासियों के मुताबिक इस क्षेत्र में कई पशुपालक हैं, जो अपने घरों से गोबर आदि लाकर यहां फेंक जाते हैं। जिसकी वजह से यहां अघोषित कचरा सेंटर बन गया है। पिछले काफी समय से निगम के ट्रेक्टर यहां नहीं आएं हैं। दो दिनों से हो रही बारिश की वजह से गोबर पूरी सड़क पर पसर गया है।
सड़क की हालत भी काफी खस्ता है। जगह-जगह बने गड्ढों में नालों से बाहर निकलता पानी हमेशा भरा रहता है। बरसात में इस सड़क पर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। यह सड़क सुभाषपुरा, भूट्टों का बास सहित कई इलाकों को पुलिस लाइन चौराहे से जोड़ने वाली मुख्य सड़क है। सड़क के बायीं ओर का क्षेत्र वार्ड-47 में और दायीं ओर का इलाका वार्ड-48 में आता है। दोनों वार्ड के पार्षदों को क्षेत्रवासियों ने इस कचरा सेंटर को हटाने के लिए कई बार आग्रह किया लेकिन आज तक कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि सड़क के दायीं ओर बना नाला भी सिल्ट से अटा पड़ा है और जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है। जिसकी वजह से आम दिनों में नाले का पानी सड़क पर पसरा रहता है। इलाके की मुख्य सड़क होने की वजह से इस पर आवागमन भी बहुत होता है। हैरानी की बात तो यह है कि जनप्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों ने कभी इसकी सुध नहीं ली है।
ये तस्वीर महापौर और निगम अधिकारियों की लापरवाही को बयां कर रही है और बता रही है कि किस प्रकार से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन अभियान को पलीता लगाया जा रहा है।











