कलक्टर पहुंचे पीबीएम, जहां रखा पांव, वहां मिला दर्द

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Bikaner / thenews.mobilogicx.com

जिला कलक्टर कुमार पाल गौतम बुधवार को पीबीएम अस्पताल निरीक्षण करने पहुंचे। बीकानेर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल के हालात देख कलक्टर ने जिम्मेदारों को बेपरवाही के लिए कोसा। रोगियों की लम्बी कतारें, आक्सीजन सिलेण्डर की चाबी नहीं मिलना, चिकित्सकों की कुर्सियां खाली दिखना तथा बदहाल सफाई व्यवस्था देख कलक्टर ने प्राचार्य व अतिरिक्त प्राचार्य की क्लास लगा दी।

रोगियों से ली जानकारी

जिला कलेक्टर ने जांच के लिए लाइन में लगे रोगियों से पूछा कि रक्त जांच की रिपोर्ट कहां मिलेगी। उन्होंने पूछा कि क्या चिकित्सक या पैरामेडिकल स्टाफ ने आपको बताया है कि क्या जांच करवा रहे हो। रोगी इसका कोई जवाब नहीं दे पाए, मगर पीछे खड़ी स्टाफ नर्स ने कहा कि बताया कि इन्हें बताया जा चुका है कि रिपोर्ट कहां मिलेगी। लेकिन नर्स की इस बात पर लेकर रोगियों में कोई विश्वास नहीं दिख रहा था।

डॉ. गौरी के पास नहीं था कोई जवाब

गौतम ने पीबीएम अस्पताल के ओपीडी भवन में भर्ती रोगियों के स्वास्थ्य की जांच परीक्षण, रक्त जांच, सहित नि:शुल्क दवा आदि देने की संपूर्ण व्यवस्थाओं को देखा। जिला कलेक्टर ने कॉलेज अतिरिक्त प्राचार्य डॉ गौरी से पूछा कि इस प्रांगण में क्या पिछले 7 दिनों से सफाई हुई है, डॉ गौरी के पास इसका कोई जवाब नहीं था। अस्पताल के अंदर की स्थिति अपने आप बयान कर रही थी कि यहां पिछले कई दिनों से सफाई नहीं हुई थी।

चिकित्सकों को दी नसीहत

जिला कलेक्टर ने सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ आर के अग्रवाल तथा अतिरिक्त प्राचार्य डॉ एल ए गोरी से कहा कि वर्तमान में जितने संसाधन और स्टाफ हैं उनका बेहतर उपयोग करते हुए उपचार के लिए आने वाले रोगियों को बेहतर सुविधा दें । राज्य सरकार स्तर पर प्रयास कर आर्थिक संसाधन उपलब्ध करवाने के लिए बजट आवंटित कराया जाएगा। आप लोग भी वरिष्ठ चिकित्सक हैं रेजिडेंट डॉक्टरों को तथा स्टाफ को समझाइश कर बेहतर चिकित्सा सेवा देने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि चिकित्सक का प्रथम दायित्व रोगी की सेवा करने का है। इस कर्तव्य का निर्वहन करें।

ऑक्सीजन सिलेंडर की नहीं मिली चाबी

निरीक्षण के दौरान गौतम ने स्टॉफ से पूछा कि ऑक्सीजन सिलेंडर कहां रखा है। दिखाएं। इस पर स्टॉफ ने बताया कि आपातकाल की स्थिति में इस ऑक्सीजन सिलेंडर का उपयोग किया जाता है । जिला कलेक्टर ने कहा कि लगता तो ऐसा है कि कुछ महीने से इस सिलेण्डर का उपयोग हुआ ही नहीं। सिलेण्डर की ऑपरेशनल प्रक्रिया को बताएं। इतना कहते ही पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य चिकित्सक ऑक्सीजन सिलेंडर की चाबी ढूंढने लगे। अलमारी से लेकर टेबल ड्रॉअर देखने के बावजूद चाबी नहीं मिली। पैरामेडिकल स्टाफ अपने साथी स्टाफ को फोन कर सिलेंडर की चाबी तलाशने में जुटे थे। 5 मिनट तक कोई जवाब नहीं आया और चाबी नहीं मिली। जिला कलेक्टर 5 मिनट इंतजार करने के बाद वहां से निकल गए और चाबी नहीं मिली।

मास्क लगाकर स्वाइन फ्लू कक्ष देखा

जिला कलेक्टर ने अस्पताल से मास्क लेकर पहने और स्वाइन फ्लू से पीडि़त तथा संभावित स्वाइन फ्लू रोगियों का स्वास्थ्य प्रक्रिया देखी। निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने कई कक्षों में खाली पड़ी कुर्सियां देखकर पूछा कि चिकित्सकों की संख्या इतनी कम क्यों है। इस पर डॉ गौरी ने बताया कि बुधवार को 11:00 बजे तक रेजिडेंट चिकित्सक हड़ताल पर है। जिला कलेक्टर ने कहा कि चिकित्सक आम मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ ना करें। उनकी मांग के बारे में राज्य सरकार तक पूरा प्रकरण भेजा जाएगा, चिकित्सा सेवाएं जारी रखें।

200 करोड़ का भुगतान बाकी

पटेल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ आर पी अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल और कॉलेज के विभिन्न कार्यों के लिए सरकार द्वारा धनराशि आवंटित नहीं की गई है। कॉलेज का वर्तमान में 200 करोड रुपए का भुगतान बाकी है। इसी के चलते सफाई व्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ रहा है साथ ही कुछ दवाओं की कमी होने के कारण आवश्यक दवाएं ही खरीदी जा सकी है। मगर बजट के अभाव में दवा खरीदने के बाद भुगतान नहीं हो पा रहा है।

झोलाछाप डॉक्टरों पर करें कार्यवाही

जिला कलक्टर गौतम जब अस्पताल का निरीक्षण कर बाहर पार्किंग तथा अन्य स्थानों को देख रहे थे। इस दौरान 25 के वाई डी खाजूवाला से एक सज्जन अपने साथ किसी व्यक्ति को दिखाने आए हुए थे। वे जिला कलक्टर के पास पहुंचे और कहने लगे कि साहब अस्पताल की व्यवस्था सुधरेगी। आप तो झोलाछाप डॉक्टरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें। इनके कारण भी बीमारी भयावह रूप ले रही है इन झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज होता नहीं है और गांव में लोगों को अनावश्यक रूप से इलाज के बहाने रोके रखते हैं। इस पर जिला कलक्टर ने कहा कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिले भर में अभियान चलाया जाएगा।

सफाई व्यवस्था का लिया जायजा

इससे पूर्व जिला कलक्टर ने प्रात: शहर के अंदरूनी हिस्सों तथा कोटगेट क्षेत्र में दौरा कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान जियो कंपनी द्वारा सड़क खोदकर केबल डालने के काम जारी था। जिला कलक्टर ने मौके पर उपस्थित कर्मचारियों से कार्य के लिए लिखित परमिशन की कॉपी मांगी। मौके पर लिखित अनुमति की कॉपी नहीं थी। इसे देखकर जिला कलक्टर ने कहा कि बिना अनुमति के हो रहे इस कार्य को रोके तथा अपने अधिकारियों को कलक्टर कार्यालय भेजें। जिला कलक्टर ने कहा कि निजी कंपनियां केबल आदि डालने के बाद जो सड़क पुन: बनवाती है वह कार्य गुणवतापूर्ण नहीं होता। इसका ध्यान रखें अन्यथा कार्यवाही की जाएगी।

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