चलते काम के दौरान हुआ हादसा, परिजनों को पांच लाख का मुआवजा देने की बात आई सामने
बीकानेर। सूरसागर में आज सुबह चलते कार्य के दौरान एक जने की मौत हो गई। सदर थाना पुलिस ने मर्ग दर्ज की और पोस्टमार्टम करा कर शव परिजनों को सौंपा।
जानकारी के मुताबिक मृतक लादूराम पुत्र श्रवणराम भाट श्रीगंगानगर रोड स्थित झुग्गियों में रहता था। आज सुबह वह अपने किसी जानकार को छोड़ने के लिए सूरसागर तालाब पर धोबीधोरे वाली सड़क पर पहुंचा था।
वहां पिछले आठ दिनों से टूटी दीवार बनाने का कार्य किया जा रहा था। इस कार्य को करने के लिए कंक्रीट मिक्सर, जेसीबी आदि मशीनों पर दर्जनों श्रमिक कार्य करने में दिन-रात जुटे हुए हैं।
इसी कार्य को देखने के लिए लादूराम भी सूरसागर तालाब में इन दिनों बिछी मिट्टी के सहारे नीचे उतर गया और काम देखने लगा। अचानक वहां मिट्टी धसकी और उसके साथ ही ऊपर की तरफ रखी काफी सारी कंक्रीट भी ढह गई।
बताया जा रहा है कि कंक्रीट पर बड़े पत्थर और आरसीसी के काम में ली जाने वाली लोहे की प्लेटें भी रखी थीं जो लादूराम पर गिर गईं जिससे वह चोटिल हो गया। उसे गंभीरावस्था में पीबीएम ट्रोमा सेन्टर ले जाया गया। जहां कुछ देर इलाज लेने के बाद उसकी सांसें थम गई।
पीबीएम पुलिस चौकी के हैड कांस्टेबल साहबराम ने बताया कि पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
जानकारी मिली है कि इस हादसे के बाद नगर विकास न्यास की ओर से मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपए की मुआवजा राशि देने की बात कही गई है।
इसके अलावा अन्य सामाजिक संगठनों की ओर से भी परिजनों को सहायता राशि देने की बातें सामने आई हैं। लेकिन इस बात की पुष्टि अभी तक किसी की तरफ से नहीं की गई है।
गौरतलब है कि लगभग 15 दिनों पहले शहर में आई बरसात के दौरान सूरसागर में जलभराव हो गया था। इसके बाद यहां 27 जुलाई को आईं मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने नगर विकास न्यास अध्यक्ष को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए सूरसागर को वापस अपने वैभव में लौटाने के निर्देश दिए थे।
तभी से न्यास की ओर से सूरसागर के दोबारा सौन्दर्यीकरण के लिए दिन-रात काम चलाया जा रहा है।