प्रदेश में दो महीने पहले शुरू हुआ यह अभियान
बीकानेर। राजस्थान पुलिस के ‘सारथी अभियान’ को अब दिल्ली और असम राज्य की पुलिस भी अपनाने जा रही है। दोनों राज्यों के पुलिस अफसरों ने प्रदेश के पुलिस अफसरों से संपर्क करके अभियान की जानकारी ली है।
राजस्थान पुलिस के स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के अफसरों ने तकरीबन दो महीने पहले सारथी अभियान को शुरू किया था। शुरू किए जाने के बाद से इस अभियान में और भी नवाचार जोड़े जा रहे हैं। अभियान महिलाओं, युवतियों और बालिकाओं के लिए बनाया गया है।
दरअसल, राजस्थान स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो के इस नवाचार को सारथी अभियान नाम दिया गया है। यह अभियान पीएम मोदी के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से प्रेरित है। इसे गत आठ मार्च को जयपुर में लॉन्च किया गया था। उसके बाद से इस अभियान से जुड़ी टीम इसे प्रदेश के हर जिले में लॉन्च कर रही है।
अभियान में महिलाओं, युवतियों और स्कूली बालिकाओं को राजस्थान पुलिस की कार्यप्रणाली, महिलाओं से जुड़े अपराधों और उनकी रोकथाम के बारे में जानकारी देने के साथ ही बालिकाओं को इस बारे में भी जानकारी दी जा रही है कि अगर उनके साथ कोई अपराध होता है तो वे किस तरह से उस अपराध और अपराधी से पेश आएं।
दिल्ली और असम पुलिस ने ली है जानकारी
इस बीच दिल्ली और असम पुलिस के अफसरों ने इस अभियान में रूचि दिखाई है। बताया जा रहा है दोनों ही राज्यों के अफसरों ने इस बारे में सारथी टीम से जानकारी ली है। प्रदेश में सबसे पहले इस अभियान को जयपुर में लॉन्च किया था। उसके बाद बांसवाड़ा व पाली में शुरू किया गया। अभियान की टीम अब इसे प्रदेश के सभी जिलों में लॉन्च करने में जुटी है। हर जिले में कुछ युवतियों और बालिकाओं को वालिंटियर बनाया गया है।
जोड़े गए हैं नए नवाचार
सारथी टीम के अनुसार बालिकाओं को उच्च शिक्षा व सिविल सेवा की तैयारी के लिए जयपुर में लाइब्रेरी तैयार की जा रही है। लाइब्रेरी में वे युवतियां और बालिकाएं पढ़ सकेंगी जो अपने सपने पूरे करना चाहती हैं। उनको पुलिस अफसरों का सहयोग भी मिल सकेगा। साथ ही खेलकूद और सूचना प्रोद्योगिकी से जुड़ी कुछ अन्य पहल भी योजना है।