सूरसागर को खाली करने की कवायद शुरू

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सूरसागर

न्यास अध्यक्ष के साथ दोनों निकायों के अधिकारी मौके पर, राहत देने की कोशिशें

बीकानेर। नगर निगम और नगर विकास न्यास की ओर से सूरसागर को खाली करने के लिए आज दोपहर से कोशिशें शुरू की गई। हालांकि सूरसागर को खाली करने सूरसागर

में कितना समय लगेगा, कहना मुश्किल है लेकिन इसमें भरा बरसात का पानी जैसे ही कम होगा वैसे ही पुरानी गिन्नाणी, हनुमानहत्था सहित आस-पास के अन्य इलाकों में भरा पानी निकलना शुरू हो जाएगा।

आज सुबह हुई बरसात के बाद नगर विकास न्यास अध्यक्ष महावीर रांका और न्यास के अधिशासी अभियन्ता भंवरू खां, कनिष्ठ अभियन्ता अशोक चौहान मौके पर पहुंचे और वहां हालात का जायजा लिया।

इसी बीच नगर निगम आयुक्त प्रदीप के गवांडे, उपायुक्त अशोक जाखड़, निगम के अधीक्षण अभियन्ता ललित ओझा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी सूरसागर पहुंच गए और वहां भरे बरसात के पानी को निकाले जाने के लिए विचार-विमर्श किया। इसके बाद मौके पर पम्प मंगवाए गए और पाइप लगा कर सूरसागर को खाली करने की कवायद शुरू की गई।

सूरसागर में भरे पानी को वहीं पास में से निकल रहे बड़े नाले के जरिए निकाला जा रहा है। अगर फिर से बारिश आ जाती है तो प्रशासन की यह कोशिशें विफल भी रह सकती है। फिलहाल दोनों निकायों के प्रशासनिक अधिकारी शहरवासियों को राहत देने की कोशिशों में लगे हैं।

चार दिनों बाद आ रही हैं मुख्यमंत्री

सूरसागर में भरे बरसाती पानी को निकालने की कोशिश से आमजन को एकबारगी तो राहत मिल जाएगी लेकिन बारिश के दौरान जलभराव रोकने का यह स्थाई समाधान नहीं माना जा सकता है।

लोगों में चर्चा है कि 27 जुलाई को मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे यहां आ रही हैं। यह मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। ऐसे में नगर निगम और नगर विकास न्यास के अधिकारी उसे खाली करने में जुटे नजर आ रहे हैं।

लोग तो यह तक कह रहे थे कि सूरसागर में भरे बरसात के पानी में मुख्यमंत्री के इससे जुड़े अरमान डूब गए हैं। मुख्यमंत्री सूरसागर की दुर्दशा देख कर यहां के जनप्रतिनिधियों को कह सकती हैं कि ‘आप दिया गया तोहफा भी संभाल कर नहीं रख सकते हैं’।

 

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