जयपुर। अलवर में गो-तस्करी के शक में अकबर ऊर्फ रकबर की हत्या को लेकर देशभर में हुए हंगामे के बाद अब प्रदेश सरकार ने इसे रोकने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गठित करेगी।
यह निर्णय केंद्र सरकार की सलाह के बाद राज्य सरकार ने लिया है। उधर, मामले में राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने सरकार से जवाब मांगा है।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मुख्य सचिव डीबी गुप्ता, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शैलेन्द्र अग्रवाल व पुलिस महानिदेशक ओपी गल्होत्रा को उन्मादी हिंसा को लेकर विस्तृत गाइड लाइन तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जो जल्द जारी कर दी जाएगी।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में 17 जुलाई को निर्देश जारी किए थे। कोर्ट के निर्देशों के बाद केंद्र ने एक एडवाइजरी राज्यों व संघ शासित राज्यों को भेज दी थी।
उधर, राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस प्रकाश टाटिया ने राज्य सरकार से उन्मादी हिसा मामले में जवाब मांगा है। जस्टिस टाटिया ने पूरे प्रकरण की तथ्यात्मक रिपोर्ट आठ अगस्त को मांगी है। इसके साथ यह भी पूछा है कि राज्य सरकार इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए क्या कदम उठा रही है।
उन्होंने अलवर कलक्टर व एसपी को भी 8 अगस्त को पेश होने के लिए कहा है। दरअसल राजस्थान मुस्लिम महासभा के महासचिव एनडी कादरी ने इस हिंसा को लेकर मानवाधिकार आयोग में पेश परिवाद पर आयोग ने सरकार से जवाब मांगा है।
पुलिस गांव-गांव शुरू करेगी जागरुकता अभियान
अलवर उन्मादी हिंसा में हरियाणा के रकबर की मौत के बाद पुलिस मेवात क्षेत्र के गांवों में चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक करेगी। मेवात क्षेत्र में बढ़ती गो-तस्करी के साथ उन्मादी हिंसा को देखते हुए पुलिस महानिदेशक ने अलवर व भरतपुर के एसपी को ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाने के लिए निर्देश दिए हैं।
एसपी व थाना अधिकारी गांवों में जाकर गोरक्षकों के साथ विभिन्न हिंदूवादी संगठनों व ग्रामीणों को आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए जागरूक करेंगे।