प्रशासन की लापरवाही से लोगों में आक्रोश
नोखा। कस्बे के वार्ड 22 में बारिश से ढहे मकान पर चल रहे राहत कार्यों में जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। राहत कार्य तो मौके पर किया जा रहा है लेकिन उपखण्ड अधिकारी और नगर पालिका के अधिकारी मौके से नदारद हैं। प्रशासनिक अधिकारियों की इस लापरवाही से कस्बेवासियों में काफी रोष हैं।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि घटनास्थल पर सिर्फ पुलिस अधिकारी ही मौजूद हैं जो राहतकार्य करवा रहे हैं। एक जेसीबी मशीन पिछले चार-पांच घंटों से ढहे मकान का मलबा हटाने में लगी हुई है। जबकि इस मलबे में तारादेवी नामक महिला और उसकी पांच वर्षीय बेटी माया के दबे होने की आशंका है।
वहीं इस हादसे में घायल हुई बच्ची भी अस्पताल में खुले घाव के साथ बैठी है। उसे भी इलाज की दरकरार है।
मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार सुबह जब मकान ढहा था, तो उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार और नगर पालिका ईओ सूचना मिलते ही मौके पर आ गए थे लेकिन कुछ समय बाद यहां राहत कार्य शुरू करवाने के निर्देश देकर चले गए।
ऐसी आपदा में जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर मौजूद रहने से जनता में भी साहस बना रहता है और पीड़ित को भी सरकार और उसके तंत्र से उम्मीदें बंधी रहती हैं। लेकिन यहां ऐसा कुछ भी नहीं है। सिर्फ पुलिसकर्मी और कस्बे के बाशिन्दें ही मौजूद हैं और राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं।