की जनसुनवाई, मामलों की मांगी रिपोर्ट
बीकानेर। राजस्थान राज्य मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश टाटिया ने कहा कि मानवाधिकार हनन से संबंधित मामलों को संवेदनशीलता के साथ समय पर निस्तारित किए जाएं। पीड़ित व्यक्तियों को जल्द राहत पहुंचाई जाए।
न्यायमूर्ति टाटिया सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में मानव अधिकार से सम्बंधित प्रकरणों की प्रगति समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में महानिरीक्षक पुलिस बिपिनचन्द्र पांडेय, कलक्टर डॉ. एनके गुप्ता, माध्यमिक शिक्षा निदेशक नथमल डिडेल, प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक श्यामसिंह राजपुरोहित, उपनिवेशन आयुक्त एलएन मीणा, पुलिस अधीक्षक सवाईसिंह गोदारा, आयोग के रजिस्ट्रार रवीन्द्रकुमार माहेश्वरी, सीजेएम पवनकुमार अग्रवाल एवं जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि तम्बाकू का सेवन रोकने के लिए आमजन में जागरूकता फैलाकर, इससे होने वाली हानियों व दुष्परिणामों के प्रति उन्हें सावचेत किया जाए। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा करना हम सबका दायित्व है।
विभागीय प्रकरणों की प्रगति समीक्षा
न्यायमूर्ति ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं, विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति, विभाग में रिक्त पदों की जानकारी ली। प्रारंभिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशालयों में मानवाधिकार सम्बन्धी लम्बित प्रकरणों की जानकारी ली और निर्देश दिए कि विभिन्न विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालयों की स्थिति, जर्जर विद्यालय भवनों की स्थिति आदि की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षित अध्यापकों की उपलब्धता की जानकारी ली और निदेशक को निर्देश दिए कि इस सम्बन्ध में तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष ने चिकित्सा विभाग की समीक्षा के दौरान पीबीएम अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध बैड्स की संख्या, सफाई व्यवस्था, शौचालय, पार्किंग आदि व्यवस्थाओं की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने कारागृह में कैदियों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि कारागृहों से गैर कानूनी गतिविधियां संचालित न हों, इस पर पूरी नजर रखी जाए।
जनसुनवाई में सुनी समस्याएं, दिए निर्देश
मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष न्यायमूर्ति टाटिया ने सोमवार को सर्किट हाउस में जनसुनवाई करते हुए पीडि़तों के प्रकरण सुने तथा सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान 22 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें से 13 प्रकरणों में सम्बंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई व 9 प्रकरणों को प्रारम्भिक स्तर पर खारिज किया गया।
जनसुनवाई में छतरगढ़ के कलां गांव निवासी द्वारा अपने नाबालिग पुत्र की हत्या के प्रकरण में मुकदमा दर्ज करने व गिरफ्तारी की मांग पर अध्यक्ष टाटिया ने इस मामले में सम्बंधित अधिकारी को सम्पूर्ण जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी के बकाया भुगतान के प्रकरण में उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारम्भिक) को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। गंगाशहर निवासी द्वारा पुलिस थानेदार व अन्य खिलाफ प्रताड़ना का प्रकरण प्रस्तुत किया गया।











