पिछले आठ महीनों में 12वीं बार हुई नेटबंदी
जयपुर। देश के सबसे संवेदनशील कश्मीर में इंटरनेट बंदी पहले नंबर पर है। जम्मू-कश्मीर के बाद राजस्थान नेटबंदी के मामले में देश का दूसरा राज्य बन चुका है।
कभी नकल को रोकने के लिए तो कभी दंगे भड़कने के मद्देनजर राज्य में इंटरनेट बैन किया जा चुका है। प्रदेश में पिछले 8 महीनों में यह 12 वां मौका है, जब मोबाइल इंटरनेट बन्द किया गया है। हाल ही में टोंक के मालपुरा में कांवडिय़ों पर हिंसा के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद की गई थी।
इससे पहले सीकर के फतेहपुर में कांवडिय़ों पर हमला हुआ तब भी इंटरनेट बंद हुआ था। अब उदयपुर में मेवाड़ भील कोर और बांसवाड़ा में कान्स्टेबल भर्ती के चलते इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
जम्मू-कश्मीर के बाद राजस्थान दूसरा राज्य है, जहां पिछले साढ़े तीन साल में मोबाइल इंटरनेट सबसे ज्यादा बार बंद किया गया है। साल-2015 से 14 जुलाई-2018 तक जम्मू कश्मीर में 92 व राजस्थान में 26 बार इंटरनेट बंद रहा। पिछले 6 वर्ष में देश में 172 बार इंटरनेट शट-डाउन हुआ।
इन अधिकारिक आंकड़ों में अगस्त महीने के आंकड़े जोड़ते हैं तो राजस्थान में नेटबंद की संख्या और बढ़ी है। अनुमान के तौर पर वर्ष-2015 से अब तक राजस्थान में 31 बार इंटरनेट बंद हो चुका है।
इंटरनेट पर पाबंदी देश में सबसे पहले जम्मू-कश्मीर में लगी थी। वर्ष-2012 से अब तक वहां करीब 100 बार इंटरनेट सेवा कानून-व्यवस्था के मद्देनजर ब्लॉक की जा चुकी है।
राजस्थान में सबसे पहले यह रोक वर्ष-2015 में भीलवाड़ा में लगाई गई थी, जब एक युवक की मौत के बाद साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। प्रदेश में पिछले साल 7 बार और इस वर्ष अगस्त तक 12 बार इंटरनेट पर रोक लगाई जा चुकी है।