रेलवे श्रमिक सहकारी बैंक बचाने की गुहार

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रेलवे श्रमिक सहकारी बैंक

संगठन ने केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री शेखावत को सौंपा ज्ञापन

बीकानेर। रेलवे श्रमिक सहकारी बैंक को बचाए जाने की गुहार संगठन ने केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत से की है। एक दिवसीय दौरे पर बीकानेर आए  शेखावत आज सर्किट हाउस में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और आमजन से मिल रहे थे।

रेलवे श्रमिक सहकारी बैंक बचाओ आंदोलन के संयोजक राजेन्द्रसिंह शेखावत ने बताया कि ज्ञापन से केन्द्रीय राज्यमंत्री शेखावत को अवगत कराया गया है कि रेलकर्मियों के इस बैंक में काफी समय से अनियमितताएं बरती जा रही हैं। वर्ष-2013 में बैंक के संविधान के मुताबिक 12 संचालक चुने गए थे। इन संचालकों के अलावा बैंक का मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मण्डल रेल प्रबंधक (पदेन अध्यक्ष) और वरिष्ठ लेखा प्रबंधक (पदेन उपाध्यक्ष) भी संचालक मण्डल के सदस्य होते हैं।

पिछले कुछ समय से कुछ स्वार्थी लोगों के षड़यंत्र से 5 संचालकों ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिए। मगर ना तो इनके इस्तीफे मंजूर करने की सूचना जारी की गई और न ही नामंजूर की। ऐसी स्थिति में बैंक के संचालक मण्डल की मीटिंग नहीं हो सकी। क्योंकि बैंक संविधान के अनुसार मीटिंग के लिए न्यूनतम 8 चुने हुए सदस्यों का कोरम होना अनिवार्य है। संचालक मण्डल की मीटिंग ना होने से बैंक की साधारण सभा आहूत करने का निर्णय भी नहीं किया जा सका।

संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन के जरिए शेखावत को अवगत कराया कि बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति भी असंवैधानिक तरीकों से हुई है। इस अधिकारी ने बैंक को विभिन्न स्तरों पर आर्थिक नुकसान पहुंचाया है। इतना ही नहीं इस अधिकारी की वजह से बैंक को जुर्माना तक भरना पड़ा है। इस बैंक में रेलकर्मियों का करोड़ों रुपए जमा पड़ा है। जिसके डूबने की आशंका प्रबल होती दिखाई दे रही है। ऐसे में इस बैंक को बचाने के लिए इस प्रकरण की मुकम्मल जांच कराई जाए।

 

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