अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर के खिलाफ परिवाद पेश

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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर

बीकानेर। अधिवक्ता भवानीशंकर शर्मा ने आज अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पवनकुमार मीणा के खिलाफ रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के सामने परिवाद पेश किया।

अधिवक्ता शर्मा के साथ तिलकनगर में रहने वाले रामस्वरूप साईं और रामदेवाराम भादू की ओर से पेश किए गए परिवाद के मुताबिक मंजूदेवी पत्नी सीताराम मोदी की ओर से 12 जनवरी को कोटगेट थाने में जरिए इस्तगासा दर्ज कराया गया था, जिसकी जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पवनकुमार मीणा कर रहे हैं। मीणा के द्वारा 30 अप्रेल को जरिए कोटगेट थाना अधिकारी नोटिस भेजा गया कि मुस्तगीस व गवाहान को अनुसंधान के लिए 7 मई को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित होना होगा।

परिवाद में कहा गया है कि यह दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-160 के खिलाफ है, क्योंकि धारा में साफ तौर पर उल्लेख किया गया है कि किसी स्त्री को अनुसंधान के लिए अन्यत्र स्थान पर नहीं बुलाया जा सकता है।

परिवाद में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के खिलाफ आरोप लगाया है कि अनुसंधान के दौरान मंजूदेवी, हनुमानसिंह, महेश मोदी, दीपशिखा आदि के 161 सीआरपीसी के तहत लिए गए बयानों को केस डायरी (रोजनामचा तफ्तीशी) में दर्ज नहीं किए। बाद में बयानों को बदल कर, मनगढ़ंत लिए लिए और मामले में एफआर लगा दी।

इसके बाद आज इतिलादाता सदर थाने पहुंचे और वहां इस बारे में इतिला दी तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इस पर थानाधिकारी सदर और पुलिस अधीक्षक को जरिए डाक इतिला प्रेषित की।

परिवाद पेश करने वालों ने पुलिस महानिरीक्षक से लिखित आग्रह किया कि विधि के प्रतिकूल जाकर महिला को अनुसंधान के लिए बुलाने, बयानों को केस डायरी में दर्ज नहीं करने वाले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ प्रथम सूचना दर्ज करवा कर कानूनी कार्रवाई करावें।

वहीं सदर थानाधिकारी व अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करने पर सक्षम न्यायालय में परिवाद पेश कर अभियोजित करावें।

 

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