192 देशों की पुलिस को नीरव मोदी की है तलाश

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नीरव मोदी
इन्टरपोल ने जारी किया रेड कॉर्नर नोटिस

नई दिल्ली। ‘डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।’ ये डायलॉग कुछ दिनों पहले तक हर किसी की जुबान पर था। फिल्म में डॉन की तलाश 11 मुल्कों की पुलिस को थी, लेकिन अब पीएनबी घोटाले का आरोपी और भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी डॉन से भी बड़ा हो गया है। क्योंकि उसकी तलाश 11 नहीं बल्कि 192 देशों की पुलिस को है।

दरअसल, अंतरराष्ट्रीय एजेंसी इंटरपोल ने भारत की सिफारिश के बाद नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है। यानी अब अगर नीरव मोदी दुनिया के किसी भी एयरपोर्ट पर दिखेगा तो उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इंटरपोल के अंतर्गत कुल 192 देश आते हैं। अगर एक बार नीरव मोदी को गिरफ्तार कर लिया जाता है तो उसे भारत लाने में आसानी होगी। हालांकि ये इस पर निर्भर होगा कि नीरव मोदी किस देश में है और उस देश के भारत के साथ किस प्रकार के संबंध हैं।

गौरतलब है कि 13,578 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन (इंटरपोल) ने सोमवार को नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है।

पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी के आरोपी नीरव मोदी के खिलाफ विदेश में यह पहला एक्शन है।

नीरव मोदी के अलावा, इंटरपोल ने उनके भाई निश्चल मोदी और कंपनी के एग्जिक्युकेटिव सुभाष परब को भी 13578 करोड़ रुपए के घोटाले में रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है।

नीरव और उसके मामा मेहुल चोकसी पर पंजाब नेशनल बैंक के साथ बड़ी धोखाधड़ी करने का आरोप है। नीरव मोदी के खिलाफ फरवरी में एफआईआर दर्ज होने के तुरंत बाद भारतीय जांच एजेंसियों ने आरसीएन जारी करने के लिए इंटरपोल से संपर्क किया था।

ये है इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस

भगोड़े नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस में इंटरपोल ने अपने सहयोगी 192 देशों से उसे गिरफ्तार करने को कहा है। इंटरपोल ने कहा है कि नीरव मोदी को देखते ही गिरफ्तार कर लिया जाए।

विदेश में नीरव मोदी की गिरफ्तारी के बाद उसके एक्स्ट्राडिशन यानी भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने का उद्देश्य अन्य देशों को आरोपी के बारे में सतर्क करना है। इससे आरोपी की यात्रा पर रोक लगेगी और उसे संबंधित देश में औपचारिक तौर पर गिरफ्तार किया जाएगा।

 

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