नर्स पर लापरवाही के आरोप जांच कमेटी गठित
बीकानेर। हंगामों का केन्द्र बने पीबीएम अस्पताल में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। इलाज के दौरान महिला मरीज की मौत के बाद आज फिर पीबीएम में बवाल मच गया।
मृतक के परिजनों ने पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में ड्यूटी पर तैनात नर्स पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए। पीबीएम अधीक्षक डॉ. पीके बेरवाल ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है।
मृतक महिला मरीज के पति मोहम्मद रफीक ने बताया कि वे लोग सूरतगढ़ में रहते हैं। उसकी पत्नी फातिमा के पेट में दर्द की शिकायत थी। इस पर उन्होंने पीबीएम में विशेषज्ञ चिकित्सक को दिखाया था। जिनकी सलाह पर फातिमा का ऑपरेशन किया गया था।
शनिवार रात को वह पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में भर्ती थी। आधी रात के बाद अचानक उसके पेट में तेज दर्द उठा और उल्टियां होने लगी। इस पर उन्होंने वार्ड में बने कमरे में सो रही नर्स को जगा कर मरीज के बारे में बताया। नर्स ने उसे टाल दिया। इसके बाद वे दोबारा नर्स को जगाने गए लेकिन नर्स ने आने का कह कर फिर उन्हें चलता कर दिया।
रफीक ने वार्ड में और आस-पास चिकित्सकों की तलाश की लेकिन अलसुबह तीन-चार बजे का समय होने की वजह से उन्हें कोई नहीं मिला।
वार्ड में ड्यूटी पर तैनात को जगाने और चिकित्सकों की तलाश के बीच मरीज फातिमा की सांसें थम गईं। रफीक ने अपने स्थानीय परिजनों को बताया तो सुबह परिजन कांग्रेस के नेताओं को लेकर पीबीएम अस्पताल पहुंच गए। कुछ देर तक बवाल भी मचा।
इसके बाद कांग्रेस के नेता आनन्दसिंह सोढ़ा, पार्षद जावेद पड़िहार, शब्बीर अहमद सहित कई कार्यकर्ता पीबीएम अधीक्षक के पास पहुंचे और सारे मामले की लिखित में जानकारी देता शिकायत पत्र उन्हें दिया गया। जिसमें दोषी नर्स को तुरन्त प्रभाव से हटाने की मांग की गई।
बताया जा रहा है कि मामले को शांत करने के लिए पीबीएम प्रशासन ने शनिवार रात को पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड में नाइट ड्यूटी पर तैनात नर्स को अवकाश पर भेज दिया। इस पर कांग्रेस के नेता और पदाधिकारी और भड़क गए।
बाद में हालात को संभालते हुए पीबीएम अधीक्षक ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी घोषित कर दी और शिकायतकर्ताओं को आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद वे दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
फिलहाल सभी को मामले की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है।











