किसानों और पशुपालकों की समस्याओं को जाना
बीकानेर। हैदराबाद के राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान के वैज्ञानिकों ने वेटेनरी विश्वविद्यालय के साथ आज एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन कर किसानों और पशुपालकों की समस्याओं को जाना।
इस कार्यशाला में वैज्ञानिकों ने पशु स्वास्थ्य, अधिकतम और गुणवतापूर्ण पशुधन उत्पादों तथा उद्यमिता विकास के वैज्ञानिक पक्षों और नवीन अनुसंधान तकनीकों पर किसानों और पशुपालकों से चर्चा की।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि जोधपुर विधायक सूर्यकान्ता व्यास ने कहा की राज्य सरकार और केंद्र सरकार वर्ष-2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने की दिशा में लगतार काम कर रही है और नवीन अनुसंधान और तकनीक से ही यह संभव हो सकेगा। उन्होंने किसानों और पशुपालकों की समस्याओं को सुना और राज्य सरकार से बात कर समाधन की बात कही।
कुलपति प्रो. बीआर छींपा ने कहा कि समन्वित खेती (पशुपालन के साथ) से ही किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए उत्पादन बढ़ाने की आधुनिकतम तकनीकों और वैज्ञानिक विधियों को अपनाने के लिए किसान और वैज्ञानिकों को साझा कोशिशें करनी होंगी।
राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शैलेष शर्मा व डॉ. जयंत थूले ने बताया की संस्थान पूरे देश में किसानों की समस्याओं को समझकर अनुसंधान करने की दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों की समस्याओं को जानने के बाद राष्ट्रीय पशु जैव प्रौद्योगिकी संस्थान अनुसंधान करके किसानों की आय बढ़ाने की कोशिशें करेगा। वेटरनरी विश्वविद्यालय के साथ मिलकर कृषि और पशुपालन को मजबूती देने में भी प्रयास करेगा।
इस कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से आए 120 कृषक और पशुपालकों के साथ पशुपालन अधिकारी, शोधार्थी और वैज्ञानिक शामिल हुए।











