शाह-राजे की यात्रा से पहले मजबूत होगा जिलों का संगठनात्मक ढांचा

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शाह
नागौर, सीकर, बीकानेर और जोधपुर सहित कई जिलों में सामने आ रही अन्दरूनी कलह

जयपुर/बीकानेर। अमित शाह और वसुन्धरा राजे की यात्रा से पहले प्रदेश के सभी जिलों में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया जाएगा। भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी अलग-अलग जिलों का दौरा कर पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में जुट गए हैं।

जानकारी के मुताबिक यह पदाधिकारी ऐसे जिलों पर खास तौर पर फोकस कर रहे हैं जहां पिछले कुछ दिनों से लगातार स्थानीय संगठन में अंतर्कलह की स्थिति बनी हुई है। ज्यादातर संगठन पदाधिकारी इन जिलों में गौरव यात्रा के प्रवेश और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले बैठक लेकर कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के सामने किसी तरह की गुटबाजी नजर ना आए।

इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना आने वाले दिनों में जोधपुर संभाग की यात्रा पर रहेंगे। वे यहां राजस्थान गौरव यात्रा में शामिल होने के साथ ही इसके अगले पड़ाव वाले स्थानों पर कार्यकर्ताओं की बैठकें लेंगे।

सूत्रों के मुताबिक अमित शाह अजमेर संभाग स्तरीय किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगे। हालांकि अभी इस सम्मेलन की तिथि तय नहीं है। लेकिन संभावना है कि 11 से 21 सितंबर के बीच यह सम्मेलन होगा।

इसी दिन पार्टी के 2500 पदाधिकारियों की वर्कशॉप भी होगी। ऐसे में अमित शाह के प्रस्तावित दौरे के मद्देनजर भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री वी.सतीश ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक ली और आपसी गिलेण्शिकवे दूर करके पार्टी की मजबूती में जुट जाने का आह्वान किया।

भाजपा मुख्यालय तक पहुंच चुकी है जिलों के संगठन की रार

अलग-अलग जिलों के संगठन में कार्यकर्ताओं की पदाधिकारियों से मनमुटाव और इनकी आपसी रार की खबर अब प्रदेश भाजपा मुख्यालय तक पहुंच चुकी है यही कारण है कि अंतर्विरोध को थामने के लिए जयपुर से अलग-अलग जिलों में संगठन पदाधिकारी रवाना किए गए हैं।

भौगोलिक दृष्टि से लंबे-चौड़े नागौर जिले को संगठनात्मक दृष्टि से दो भागों में बांट दिया गया है और यहां दो जिलाध्यक्ष भी नियुक्त कर दिए गए हैं लेकिन अभी भी इनमें आपसी तालमेल नहीं बन पा रहा है।

इसी तरह सीकर जिले को संगठनात्मक दृष्टि से दो भागों में बांट दिया गया है लेकिन यहां दूसरा जिलाध्यक्ष का नाम आज भी घोषित नहीं किया गया है। ऐसी स्थिति में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी के प्रभाव क्षेत्र सीकर में भाजपा की अंतर्कलह लगातार बढ़ती जा रही है।

उधर बाड़मेर जिले में भाजपा जिलाध्यक्ष से संगठन के कार्यकर्ताओं की नाराजगी के मद्देनजर जमीनी कार्यकर्ता चुनावी साल में भी सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। कमोबेश ऐसी ही स्थिति बीकानेर, जोधपुर और दूसरे जिलों की है।

 

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