सरकारी नौकरी और मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन

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करंट की चपेट
तेजरासर में करंट की चपेट से युवक की मौत का मामला

बीकानेर। तेजरासर गांव में करंट की चपेट में आने हुई युवक की मौत का मामला आज सुबह तूल पकड़ गया। ग्रामीणों और परिजनों ने मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी देने और पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपए का मुआवजा देने की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया। ग्रामीण पीबीएम परिसर स्थित मोर्चरी के आगे धरना लगा कर बैठ गए।

धरने पर बैठे ग्रामीण और मृतक के परिजनों ने जोधपुर डिस्कॉम के अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि डिस्कॉम अधिकारियों की लापरवाही से ही गोवर्धनराम की मौत हुई है। सोमवार शाम को वह अपने खेत में काम कर रहा था। उस दौरान खेत में से निकल रही 11 केवी की विद्युत लाइन टूट कर उस पर गिरी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे की वजह डिस्कॉम के अधिकारियों की ओर से विद्युत लाइनों की देखभाल सही तरीके से नहीं करना ही है। क्योंकि अगर अधिकारी समय-समय पर हाइटेंशन तारों की देखरेख करते रहें तो ऐसे हादसे नहीं हो सकते हैं।

ग्रामीणों के धरने और परिजनों द्वारा शव नहीं उठाए जाने की सूचना मिलने पर डिस्कॉम के अधीक्षण अभियन्ता और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों को समझाने की कोशिश की।

बाद में अधिकारियों ने 15 दिन में मृतक के परिजनों को मुआवजा राशि दिलाने और नौकरी के लिए सरकार को लिखने का आश्वासन दिया। इसके बाद मामला शांत हो गया और परिजन शव को लेकर गांव चले गए।

गौरतलब है कि सोमवार शाम को तेजरासर गांव में खेत में काम करते हुए गोवर्धनराम की करंट लगने से मौत हो गई थी। हादसा अचानक हुआ बताया गया है।

 

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