चखकर की पोषाहार की गुणवत्ता की जांच
बीकानेर। सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले पोषाहार व अन्नपूर्णा दूध योजना की गुणवत्ता जांच के लिए आज शिक्षा और प्रशासनिक अधिकारियों ने सरकारी स्कूलों में जाकर मिड डे मील की गुणवत्ता की जांच की।
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी सुनील बोड़ा ने कोहरियों के बास स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल और नत्थूसर गेट स्थित राजकीय स्कूल में जाकर मिड डे मील की गुणवत्ता को परखा।
उन्होंने बच्चों के बीच बैठकर स्वयं पोषाहार खाया। इस दौरान विद्यालय के खाद्यान्न स्टॉक रजिस्टर की जांच भी की गई। इसी प्रकार उन्होंने नत्थूसर गेट स्थित सरकारी स्कूल में पोषाहार की गुणवत्ता की जांच की।
जानकारी के अनुसार दो दिनों तक चलने वाले इस मिड डे मील जांच अभियान में जिला कलक्टर के निर्देशों पर 20 कमेटियां गठित की हैं जिसमें जिले के 102 अधिकारियों को शामिल किया गया है।
ये अधिकारी जिले में करीब 398 स्कूलों में पहुंच कर पोषाहार की जांच कर भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट तैयार करेंगे। इन स्कूलों में ज्यादातर ऐसे स्कूलों को शामिल किया गया है जहां दो वर्षों से पोषाहार की जांच नहीं की गई है।
गौरतलब है कि एक जुलाई से राज्य में अन्नपूर्णा दूध योजना लागू की गई है। जिसमें अधिकारी मिड डे मील योजना के साथ स्कूलों में विद्यार्थियों में बंटने वाले दूध वितरण की स्थिति का भी आंकलन करेंगे।
वहीं निरीक्षण के दौरन पाई गई कमियां और सुझावों की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।











