नियम तोड़ते ही इस सिस्टम से कट जाएंगे वीआईपी के चालान
बीकानेर। आज के इस युग में हर कोई हाइटेक होता जा रहा है और होगा भी तो क्यों नहीं देश जो डिजिटल इंडिया बनने जा रहा है। विज्ञान के इस युग में अब पुलिस को भी हाइटेक किया जाने लगा है।
पुलिस को अब ई-चालान डिवाइस दी जा रही है, जो बेहद ही खास किस्म की है। यह डिवाइस आरटीओ के सर्वर से जुड़ी हुई होगी।
जानकारी के मुताबिक वीआईपी के चालान भी इस सिस्टम से नियम तोड़ने पर ही कट जाएंगे। क्योंकि अब जो डिवाइस पुलिस को मिल रही है, वह बेहद ही खास किस्म की है।
इस डिवाइस के अन्दर जैसे ही चालान बनाने के लिए नाम व पता डाला जाएगा, इसमें खुद ही लाइसेंस नम्बर की डिटेल अपलोड हो जाएगी, यानि खुल जाएगी और गाड़ी के मालिक की पूरी जानकारी भी आ जाएगी।
इसके लिए डाटा फीड किया जा रहा है। जल्द ही डाटा फीड होते ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसमें एक बार डाटा फीड करने के बाद ई-चालान डिवाइस से चालान की सूचना पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच जाएगी। जिसे किसी भी सूरत में विड्रॉल नहीं किया जा सकेगा। चालान राशि जमा करनी ही होगी। चाहे कोई भी वीआईपी ही क्यों न हो।
बताया जा रहा है कि ऐसी कुल 481 डिवाइस प्रदेश के 17 जिलों के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी कर दी गई है। जिनमें से जयपुर के लिए 70, अजमेर के लिए 50, कोटा के लिए 46 और बीकानेर के लिए 40 ई-चालान डिवाइस जारी की गई हैं।
जो जल्द ही मोबाइल या कार्ड स्वेप की तरह पुलिसकर्मियों के हाथों मेें दिखाई देंगी।











