नोखा। आरयूआईडीपी के चौथे चरण के तहत नोखा नगरपालिका क्षेत्र में 154.23 करोड़ रुपए के जलापूर्ति तथा सिवरेज के कार्य किए जाएंगे। कलेक्ट्रेट सभागार में आज कलक्टर डॉ. एनके गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित सिवरेज परियोजना की मॉनिटरिंग के लिए गठित सिटी लेवल मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक में यह जानकारी दी गई।
बनेंगे तीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
अधिशासी अभियंता डीके मित्तल ने बताया कि नोखा शहर की भौगोलिक स्थिति के अनुसार शहर को तीन जोन में बांटकर पूर्व में डाली हुई सीवर लाइन तथा पूर्व के निर्मित सिवरेज संशोधन संयंत्र का उपयोग किया जाएगा, साथ ही आउटफाल सीवर डालने के साथ 11 एमएलडी के तीन सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा।
ये तीनों सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एसबीआर पद्धति पर कार्य करेंगे। सीवर लाइन डालने में काटी गई सड़कों के पुनर्निर्माण तथा 4 मीटर तक की सड़क को पूरी चौड़ाई में बनाने के कार्य होंगे। साथ ही सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले शोधित जल का खेती, बागवानी इत्यादि कार्यो में इस्तेमाल के लिए भंण्डारण तथा उच्च जलाशय का निर्माण भी किया जाएगा।
संशोधित जल की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए डिजीटल सिस्टम का निर्माण व सीवर लाइन में ओवरफ्लो तथा चोकिंग की समस्या का पता लगाने के लिए सेंसर सिस्टम विकसित किया जाएगा। कार्य पूर्ण होने के बाद 10 वर्ष तक संचालन एवं संधारण भी संवेदक द्वारा किया जाएगा।
अभियंता ने बताया कि सिवरेज परियोजना की कुल लागत 55.24 करोड़ रुपए हैं। इसी प्रकार जलापूर्ति के लिए नोखा शहर को 11 जोन में बांटा जाकर वर्तमान में निर्मित 6 उच्च जलाशय, 6 भूतल जलाशय तथा वर्तमान में डाली गई पाइप लाइन को उपयोग में लिया जाएगा।
नहरी पानी को नोखा शहर में लाने के लिए नागौर लिफ्ट परियोजना की पाइप लाइन पर ऑफटेक का निर्माण कर पम्प हाउस बनाकर नोखा शहर के विभिन्न भूतल जलाशयों में पेयजल डाला जाएगा।
जलापूर्ति कार्यों पर खर्च होंगे 99 करोड़
अधिशाषी अभियंता ने बताया कि 3 नए भूतल जलाशय का निर्माण करने के साथ 360 किमी डीआई तथा एचडीपीई पाइप लाइन डालने का कार्य किया जाएगा। शहर के वर्तमान में चालू घरेलू कनेक्शन के साथ नए कनेक्शन करने का कार्य मय जल मीटर लगाने, पुरानी तथा गहरी पाइप लाइन को बदलने का कार्य किया जाएगा।
शहर को चौबीस घंटे शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। जलापूर्ति कार्यों पर 99 करोड़ रुपए आवंटित किए। ये सभी कार्य एशियन डेवलेपमेंट बैंक द्वारा वित्त पोषित होंगे। जलापूर्ति कार्य का डिजाइन 2051 तक किया गया तथा नहरी पेयजल उपलब्ध होने के पश्चात् कमी पूर्ति के लिए नोखा शहर के वर्तमान में चालू ट्यूबवेल में से लगभग 27 ट्यूबवेल का पानी मिक्स करके सप्लाई किए जाने का प्रावधान है।
सिवरेज संशोधन संयंत्र से निकले जल का उपयोग नगर पालिका अपनी सुविधा के अनुसार विक्रय कर सकती है या शहर में खेती या बागवानी के कार्य में भी उपयोग कर सकती है।