7 जुलाई को जयपुर स्थित अमरूदों के बाग में होगी सभा
बीकानेर। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 7 जुलाई को जयपुर में प्रस्तावित सभा में किसी प्रकार का हंगामा न हो जाए, इसके लिए भाजपा ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। अब मोदी की सभा में उन्हें ही बुलाया जाएगा, जो सीधे तौर पर भाजपा की विचारधारा से जुड़े हों।
झुंझुनूं की एक सभा में हुए हंगामे के बाद यह सावधानी बरती जा रही है। हर जिले से आने वाले लाभार्थी की सूची तैयार करवाई जा रही है। इसके बाद सूची की जांच की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक भाजपा ने सभी सांसद, विधायक, जिलाध्यक्ष और जिला प्रभारियों की बैठक में यह निर्णय लिया। बैठक में जितने भी जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता आए, उन सभी को यह साफ तौर पर कहा गया कि वे उसी लाभार्थी को सभा में लाएं जो भाजपा की विचारधार से जुड़ा हुआ हो।
डर है, खलल न पड़ जाए
पार्टी सूत्रों के अनुसार चुनावी साल है। ऐसे में कांग्रेस या अन्य किसी राजनीतिक दल की विचारधारा से जुड़ा हुआ लाभार्थी आता है तो पार्टी को डर है कि कहीं वो जनसभा में खलल न डाल दे।
सूत्रों ने बताया कि सरकार ने 2.40 लाख लाभार्थी छांटे हैं। इसके अलावा लगभग एक लाख पार्टी कार्यकर्ताओं को सभा में लाने का लक्ष्य दिया गया है।
तैयारी बैठकों का सिलसिला जारी
प्रधानमंत्री की 7 जुलाई को जयपुर में होने वाली सभा को लेकर पार्टी पदाधिकारियों की तैयारी बैठकों का सिलसिला जारी है। पार्टी के शहर और देहात पदाधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर विचार-विमर्श कर रहे हैं। उधर, प्रशासनिक स्तर पर भी सभा की तैयारियां की जा रही है।
प्रदेश के सभी कलक्टरोंं को सरकारी तौर पर निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिले में विभिन्न योजनाओं में लाभान्वित हुए लोगों की सूची तैयार कर 30 जून तक भिजवाएं।











