जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दी जाने वाली विधिक सहायता के बारे में बंदियों को बताया
बीकानेर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बीकानेर के अध्यक्ष, जिला एंव सेशन न्यायाधीश राजेन्द्रकुमार पारीक, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पवनकुमार अग्रवाल व पूर्णकालिक सचिव, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल चौधरी ने केन्द्रीय कारागृह का गुरुवार को निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान बंदियों से उनके मुकदमे की स्थिति एवं अधिवक्ता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बंदी द्वारा अधिवक्ता न कर पाने की स्थिति में नि:शुल्क विधिक सहायता के तहत प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता उपलब्ध करवाने के संबंध में जानकारी प्रदान की। निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि बंदियों को शैक्षणिक रूप से योग्य बनाने के लिए विभिन्न कोर्स की शिक्षा प्रदान की जा रही है या नहीं। इसके अतिरिक्त बंदियों को निर्धारित डाइट के अनुसार भोजन एवं पानी की व्यवस्था, स्वास्थ्य देखभाल, रचनात्मक, शैक्षणिक एवं औद्योगिक गतिविधियां व बुनियादी ढांचे के संबंध में भी निरीक्षण किया गया।
उन्होंने बताया कि जेल विधिक सेवा क्लिनिक के डिजिटाइजेशन के माध्यम से बंदियों की गतिविधियों का उचित व पूर्ण रिकॉर्ड रखा जाता है, निरूद्ध बंदियों के मुकदमे से संबंधित डाटा बेस तैयार किया जाता है तथा बंदियों के प्रकरण संबंधी सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है।