सर्व समाज और दलित संगठनों के नेता बंद से कर रहे इनकार
बीकानेर। सोशल मीडिया पर एक बार फिर से एसटी, एससी अत्याचार निवारण संशोधन अधिनियम बिल को लेकर विवाद खड़ा हो रहा है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर अचानक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि दलित संगठनों और सर्व समाज से जुड़े कुछ नेताओं ने बंद से इनकार किया है। दोनों ही पक्षों के नेताओं का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में किसी तरह की कोई तैयारी नहीं है।
नहीं है अब कोई जरूरत
दोनों ही संगठनों से जुड़े नेताओं का कहना है कि भले ही सोशल मीडिया पर कुछ भी चल रहा हो, लेकिन इसे लेकर अभी तक प्रदेश में किसी तरह की कोई हलचल नहीं है।
भीम संसद से जुड़े प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों का कहना है कि दो अप्रेल को जो कुछ हुआ, उस बारे में कुछ कहना अब सही नहीं है, लेकिन नौ अगस्त को हमने किसी भी तरह का भारत बंद नहीं किया है। न ही एससी, एसटी से जुड़े अन्य किसी संगठन से इस बारे में कोई बातचीत हुई है।
एससी, एसटी प्रदेश स्तरीय संगठनों से जुड़े अन्य पदाधिकारियों के अनुसार अब सब कुछ सही तरीके से चल रहा है। आन्दोलन करने जैसी कोई तैयारी नहीं है।
वहीं सर्व समाज से जुड़े नेताओं का कहना है कि भारत बंद को लेकर किसी से कोई बातचीत नहीं हुई है। न ही कोई तैयारी की गई है। हमारी तरफ से भारत बंद की कोई घोषणा नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर चल रहा है।
अफवाहें फैलाने वाले जाएंगे हवालात
सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को लेकर पुलिस महकमा गंभीर हो गया है। जानकारी मिली है कि पुलिस मुख्यालय से इस बारे में प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सचेत रहने को कहा गया है। उन्हें यह भी निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी तरह का विवाद पैदा किया जाता है तो इससे पहले ही इसे हवा देने वालों को हिरासत में लिया जाए।











