पीबीएम अस्पताल में बढ़ रही चोरी की वारदातें

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पीबीएम अस्पताल

शिकायत मिलने के बाद भी कार्रवाई नहीं कर रही पुलिस

बीकानेर। पीबीएम अस्पताल में चोरी की वारदातें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। लगातार हो रही चोरियों से रोगी और उनके परिजन काफी परेशान हैं। हैरानी की बात तो यह है शिकायत किए जाने के बाद भी पुलिस कुछ नहीं कर रही है। वहीं अस्पताल में सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले प्रभारी भी वहां लगातार हो रही चोरी की वारदातों को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं।

मंगलवार को भी पीबीएम अस्पताल में भर्ती रोगी के एक परिजन ने पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी। जिसमें उसने बताया है कि उसका नाम जसविन्द्र सिंह और वह केसरीसिंहपुरा का रहने वाला है। उसका रोगी पीबीएम के आई वार्ड के 20 नम्बर बिस्तर पर भर्ती है। मंगलवार सुबह सात बजे से साढ़े आठ बजे वह वहीं चिकित्सक कक्ष के दरवाजे के पास सोया हुआ था। जिस समय वह सोया था, तब वहां दो अन्य जने भी बैठे थे। जब उसकी आंख खुली तो देखा कि जेब में से पर्स गायब हो चुका था जिसमें 7-8 हजार रुपए और एटीएम कार्ड व अन्य कागज थे।

चोरों की इस करतूत से परेशान हुए जसविन्द्र ने पुलिस से आग्रह किया कि वे वहां लगे सीसी कैमरों में से फुटेज खंगाले तो चोरों की पहचान की जा सकती है।

क्या करते हैं सुरक्षाकर्मी

जानकारी के मुताबिक पीबीएम अस्पताल में सुरक्षाकर्मियों के कार्य को संविदा पर दिया गया है जिस पर करोड़ों रुपए प्रतिवर्ष खर्च किए जा रहे हैं। चौबिसों घंटे सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाती है। सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही फर्म ने सुरक्षा प्रभारी भी नियुक्त कर रखा है। ऐसे में सवाल यह खड़ा होता है कि दर्जनों सुरक्षाकर्मी और उन पर नियंत्रण रखने वाले सुरक्षा प्रभारी अपनी ड्यूटी किस तरह से अंजाम दे रहे हैं? अचरज की बात तो यह है कि इस बारे में पीबीएम प्रशासन भी कुछ खास कार्रवाई नहीं कर रहा है।

पुलिस क्यों नहीं करती है कार्रवाई

पीबीएम अस्पताल में आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं जिनमें चोर, उठाइगिरे वहां अपनी करतूतों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। पीड़ित लोग अपनी फरियाद पीबीएम परिसर में स्थित पुलिस चौकी तक लेकर पहुंचते हैं लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं होती है। कोई गंभीर मामला हो तो वह थाने तक पहुंचा दिया जाता है, शेष मामले टालमटोल करके खुर्दबुर्द कर दिए जाते हैं। पीबीएम में तैनात सुरक्षाकर्मी और चौकी पुलिस जरा भी सक्रिय हो जाए तो अस्पताल में चोर व उठाइगिरे घुसने की हिम्मत भी नहीं कर सकते हैं।

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