अति पिछड़ा वर्ग में 1 फीसदी अलग से आरक्षण देने का फैसला
जयपुर। गुर्जरों की धमकी के बाद प्रदेश की सरकार ने गुर्जरों को अति पिछड़ा वर्ग में 1 फीसदी आरक्षण देने का फैसला किया है। प्रदेश की सरकार ने नियम को लागू करने का आदेश जारी कर दिया है।
गुर्जरों ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर ठीक से आरक्षण लागू नहीं किया तो 7 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सभा का विरोध करेंगे।
गौररतलब है कि प्रदेश सरकार ने 21 दिसंबर-2017 को गुर्जरों को अति पिछड़ा वर्ग में 1 फीसदी अलग से आरक्षण दिया था। ये आरक्षण शैक्षणिक संस्थाओं के लिए भी दिया था लेकिन गुर्जरों का आरोप था कि कई महकमे इसे लागू नही कर रहे हैं। अगर ठीक से आरक्षण नहीं मिला तो गुर्जर फिर से आंदोलन करेंगे।
इस धमकी के बाद सरकार ने इस फैसले को लागू करने का आदेश जारी किया है। सरकार ने आरक्षण को 50 फीसदी सीमा में बताया और देर रात कार्मिक विभाग ने वेबसाइट पर आदेश अपलोड कर दिए गए।
प्रतीक्षा सूची भरने के भी दिए निर्देश
आदेश में बताया कि सर्वोच्च न्यायालय 9 मई-2017 को अंतरिम निर्णय पारित किया था जिसमें विभिन्न पदों की भर्तियों में एमबीसी के अभ्यर्थियों को सशर्त नियुक्ति देने की अनुमति थी। करीब 1 हजार 252 पदों के विरुद्व एमबीसी अभ्यर्थियों ने पदभार नहीं संभाला।
गुर्जर नेता प्रतीक्षा सूची जारी करने की मांग कर रहे थे। सरकार ने महाधिवक्ता से कानूनी राय ली जिसे वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। कार्मिक विभाग ने विभिन्न विभागों को प्रतीक्षा सूची भरने के निर्देश दिए।











