जनसमस्याओं का समाधान अटका
बीकानेर। राज्य सरकार द्वारा बड़े-बड़़े दावों के साथ लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू की गई ऑनलाइन हेल्पलाइन (helpline) 181 अब हेल्पलैस साबित हो रही है। प्रशासनिक ढिलाई के चलते जनता की हेल्पलाइन पर तकनीकी गड़बड़ी का ताला लग गया है। हालात ये हैं कि जनता की परेशानियों को दूर करने का दम भरने वाले अधिकारी हेल्पलाइन पोर्टल पर लॉग-इन ही नहीं कर पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में जनता की समस्याओं के समाधान अटक गये है। वर्तमान में आधुनिक तकनीक का जमाना हैंं। हर तरफ डिजिटल इंडिया का बोलबाला है लेकिन तकनीकी खराबियां डिजिटल इंडिया पर दाग लगा रही है।
गौरतलब है कि कुछ समय पहले सेंटर फॉर गुड गवर्नेस हेल्पलाइन 181 पर शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की समीक्षा की गई थी। जिसमें सामने आया कि प्रदेश में 15 से 17 जिले ऐसे हैं जिनमें खुद अधिकारी हेल्पलाइन पोर्टल पर लॉग-इन ही नहीं कर पा रहे हैं। ना ही वे सूचनाओं को डाउनलोड कर पा रहे हैं। इसका कारण तकनीकी खामियां बताया जा रहा है। हद तो यह है कि अधिकारियों ने इसकी शिकायत तक करने की जहमत नहीं उठाई। जवाबदेह प्रशासन की यह कड़वी हकीकत समीक्षा में ही सामने आई थी। जबकि ये स्थिति पिछले चार महीनों से ज्यादा समय से बनी हुई है।
इस संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सेंटर फॉर गुड गवर्नेस के उस पत्र की कॉपी भेजी है जिसमें पालना कराने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
अधीनस्थों के जिम्मे जनता की परिवेदना
सेंटर फॉर गुड गवर्नेस की समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि आधा दर्जन से ज्यादा जिला स्तरीय अधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने आमजन की समस्या के निस्तारण का काम अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को सौंप रखा था, जो इसके लिए प्राधिकृत ही नहीं हैं। इन आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में भी जिला स्तरीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से आमजन की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
डेढ़ करोड़ से ज्यादा विजिटर्स
सरकारी तंत्र की ढिलाई की वजह से प्रदेश के लोग कितना त्रस्त हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल पर डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोग विजिट कर चुके हैं। यानि डेढ़ करोड़ से ज्यादा लोग अपनी परेशानी सरकार तक पहुंचाने के लिए सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की मदद ले चुके हैं। लेकिन इसमें से कितने लोगों की समस्याओं का समाधान हो चुका, इसका कोई डेटा न तो पोर्टल पर उपलब्ध है और न ही संबंधित अधिकारी बताने की स्थिति में है।
पहले दिन ही दर्ज हुई थी 12 सौ शिकायतें
राज्य सरकार ने 15 अगस्त, 2017 को राजस्थान सम्पर्क हेल्पलाइन नम्बर 181 लॉन्च किया था। सम्पर्क हेल्पलाइन का कॉल सेंटर जयपुर में है। इसका ऑफिस शासन सचिवालय स्थित पुस्तकालय भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित है। हेल्पलाइन लॉन्चिंग के पहले ही दिन 12 सौ शिकायतें दर्ज हुई थीं। इस कॉल सेंटर पर सुबह 6 बजे से लेकर रात 12 बजे तक कोई भी व्यक्ति अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी ले सकता है। हेल्पलाइन पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है।