ओबीसी वर्ग के वोटों को साधने की भाजपा की कोशिश !
जयपुर। भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता मदनलाल सैनी को प्रदेशाध्यक्ष बना कर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत के सामने चुनौती दे डाली है। भाजपा सैनी के सहारे ओबीसी वोटों को साधने की कोशिश करेगी। खासतौर पर माली-सैनी मतदाताओं का झुकाव भाजपा की ओर करने के तौर पर देखा जा रहा है जिनका रुख फिलहाल पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के चलतेे कांग्रेस की ओर माना जा रहा है।
प्रदेश में ओबीसी वर्ग के माली, यादव, कुमावत समाज के मतदाता बड़ी संख्या में हैं। ओबीसी में जाट और यादव के बाद माली समाज तीसरा सबसे बड़ा वर्ग है। भैरोंंसिंह शेखावत के समय से ही माली समाज भाजपा के साथ था। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के प्रयासों से इस समाज का झुकाव कांग्रेस की तरफ हो गया।
ओबीसी वर्ग में अशोक गहलोत के प्रभाव को कम करने के लिए मदनलाल सैनी को भाजपा का प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया है। प्रदेश में विधायकों की 200 सीटों पर लगभग एक तिहाई सीटों पर ओबीसी वर्ग का प्रभुत्व माना जाता है।
सैनी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश माथुर के नजदीकी माने जाते हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि अब भाजपा ओबीसी के गन वर्गोंं के वोटों को अपनी ओर खींचने की कोशिश में लगेगी।