दूसरे राज्यों की गैंग का सॉफ्ट टारगेट राजस्थान

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आनन्दपाल

पंजाब, यूपी, हरियाणा के बदमाश दे रहे वारदातों को अंजाम

बीकानेर। प्रदेश के विभिन्न जिलों में बाहरी गैंग की सेंधमारी के चलते पिछले कुछ वर्षों में हमारे यहां अपराधों का ग्राफ बढ़ा है। चोरी हो या लूट, एटीएम उखााड़ने की घटना हो या डकैती या फिर हत्या जैसी संगीन वारदातों में बाहरी गिरोह के बदमाशों की सक्रियता बढ़ी है।

पंजाब, हरियाणा व यूपी के बदमाश और कुख्यात गैंग के सदस्यों के प्रदेश के विभिन्न इलाकों में शरण लेने के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें पारदी, मेव, सुक्खा, अनिल गैंग, नट, बावरी सहित हरियाणा के बदमाश शामिल है। इन्हीं गिरोह के बदमाशों ने प्रदेश के कई जिलों में वारदातों को अंजाम दिया है।

जिले से निकलने वाले चार राष्ट्रीय राजमार्ग और कई स्टेट हाइवे के कारण बाहरी बदमाशों की पहुंच और वारदात को अंजाम देकर यहां से भागने की घटनाएं बढ़ी हैं।

बंद मकानों, एटीएम उखाड़े जाने, सड़कों पर गाड़ियां छीनने, आंखों में मिर्च झोंक कर रुपए या जेवरात छीनने, हत्या करने जैसी कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने से भी अपराधी नहीं चूक रहे हैं।

जिले से निकलने वाले जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर राष्ट्रीय राजमार्ग, छत्तरगढ़ की ओर जाने वाला स्टेट हाइवे इनके लिए प्रमुख मार्ग हैं। इनके अलावा अर्जुनसर से पल्लू निकलने वाली सड़क, नोखा से कोलायत, श्रीडूंगरगढ़ से बीदासर तथा सरदारशहर जैसी सड़कें भी बदमाशों के लिए कई बार सहायक साबित होती नजर आई है।

जेल में होती है जान-पहचान

जानकारी के मुताबिक अन्य प्रदेशों के बदमाशों की यहां तथा दूसरे स्थानों की जेलों में अपराधियों से जान-पहचान होती है। जेल से बाहर आने या जेल में ही रहने पर ये बदमाश अपने अन्य साथियों से मनमाफिक कार्य करवाते हैं।

बताया जा रहा है कि किसी को धमकी देना, मारपीट या हत्या करना, रंगदारी वसूलना आदि कार्य ये बदमाश अपने साथियों से करवाते हैं। जान-पहचान हो जाने के बाद बाहरी गिरोह के सदस्य स्थानीय बदमाशों से जानकारी हासिल कर यहां संगीन वारदातों को अंजाम देते हैं और कुछ दिन यहीं अपने स्थानीय साथियों के साथ छिपकर रहते हैं तथा जैसे ही मामला शांत होता है यहां से निकल भागते हैं।

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