बच्चों की निगरानी के लिए राज्यस्तरीय टास्क फोर्स का गठन

2447
राज्य स्तरीय टास्क फोर्स
प्रदेश में होम, छात्रावास, धार्मिक केन्द्र, गुरुकुल और डे-केयर सेन्टरों की होगी जांच : चतुर्वेदी

जयपुर। बिहार व उत्तरप्रदेश में बालिका गृृहों में हुई घटनाओं को गम्भीरता से लेते हुए प्रदेश में निगरानी व्यवस्था के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया।

यह निर्णय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री डॉ. अरुण चतुर्वेदी की अध्यक्षता में शासन सचिवालय में हुई बैठक में लिया गया।

जानकारी के मुताबिक राज्य स्तरीय कार्य दल सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश के समस्त केन्द्रों, गृृहों व धार्मिक संस्थाओं के द्वारा संचालित केन्द्रों की जांच करेगा। इनके अलावा सभी जिला कलक्टरों के मार्गदर्शन में बाल कल्याण समिति व अन्य विभाग आवश्यक सहयोग कर 30 अगस्त तक जांच कर रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत करेंगे।

जांच के दौरान संचालित केन्द्रों में रह रहे बच्चों से व्यक्तिगत बात कर वस्तुस्थिति की रिर्पोट भी भेजेंगे। अगर किसी केन्द्र में किसी तरह की गलत जानकारी मिलती है तो तत्काल कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

बैठक के बाद डॉ. चतुर्वेदी ने मीडिया को बताया कि टास्क फोर्स जन्म से 18 साल तक की आयु के बच्चों से सम्बंधित सभी प्रकार की गतिविधियां संचालित करने वाले आश्रम, शिक्षा केन्द्र, निजी संस्था, धार्मिक संस्थाएं, गुरुकुल, डे-केयर सेन्टर, छात्रावासों की गतिविधियों एवं इनमें रह रहे बच्चों की सुरक्षा जांच तथा आवश्यक त्वरित कार्यवाही की निर्धारित अवधि में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

उन्होंने बताया कि राज्य में शिशु पालना गृृह, डे-केयर सेन्टर, निजी छात्रावास या धार्मिक संस्थाओं द्वारा संचालित आश्रम, शिक्षा केन्द्रों जिनका संचालन निजी संस्थाओं, व्यक्तियों, धार्मिक संस्थाओं के हाथों में है। उनके संचालन के लिए सरकारी स्तर पर विस्तृृत दिशा निर्देश एवं विनियम तैयार किए जाएंगे।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित करें कि बिना पंजीयन के कोई बच्चों के होम्स आदि तो नही संचालित किए जा रहे हैं, अगर ऐसे चल रहे हैं तो उनके विरूद्व कार्रवाई करें।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी महान्ति ने बताया कि प्रदेश में 100 चिल्ड्रन होम्स चल रहे हे। जिनमें 4 हजार बच्चे रह रहे है।

उन्होंने कहा कि इन चिल्ड्रन होम्स की भी जिला स्तरीय दल द्वारा बाल कल्याण समिति के सहयोग से गम्भीरता से जांच करवाई जाएगी। जिसके लिए निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चिल्ड्रन होम्स का डाटा बेस तैयार किया जाएगा।

 

अपना उत्तर दर्ज करें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.