जगह-जगह भरा वर्षा जल, करंट से तीन गायों की हुई मौत
बीकानेर। मानसून से पहले बुधवार रात को हुई कुछ देर की बारिश ने सरकारी इंतजामात की पोल खोल कर रख दी है। कुछ ही देर की बारिश में ही शहर में जगह-जगह वर्षाजल जमा हो गया जिसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वर्षा के दौरान करंट लगने से पटेल नगर के पास तीन गायों की भी मौत हो गई। हैरानी की बात तो यह है कि इतना सब कुछ होने के बाद भी शहर की सरकार गहरी नींद में सोती नजर आ रही है।
जानकारी के मुताबिक देर रात को और आज अलसुबह हुई बारिश का पानी कचहरी परिसर, म्यूजियम तिराहा, अम्बेडकर चौराहा, मुख्य डाकघर के पास, बंगला नगर, सुभाषपुरा, रामपुरा बस्ती, इन्द्रा कॉलोनी, भीनासर आदि क्षेत्रों में बहुत से स्थानों पर जलभराव रहा।
शाम तक भी वर्षा का यह पानी इन इलाकों में जमा रहा जिसकी वजह से वहां रहने वाले लोगों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कचहरी परिसर में तो बहुत से अधिवक्ता अपनी सीटों पर ही नहीं बैठ सके। बीएसएनएल कार्यालय के सामने तो जलभराव की वजह से तालाब सा बना नजर आ रहा था।
नहीं हुई नालों की सफाई
गौरतलब है कि इस बार मानसून से पहले शहर में नाले-नालियों की सफाई का कार्य होता नहीं देखा गया है। शहर के अधिकांश क्षेत्र में से निकलने वाले इस नाले में सिल्ट जमा है।
हर वर्ष मानसून से पहले नगर निगम की ओर से इस नाले की और शहर के अन्य क्षेत्रों में नाले-नालियों की सफाई करवाई जाती है। जिससे वर्षा के दौरान पानी आसानी से निकल सके लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ है। जिसकी वजह से शहरवासियों में चिंता व्याप्त हो गई है कि मानसून के दौरान यहां हालात तो और भी बदतर हो जाएंगे।
करंट की चपेट से तीन गायों की मौत
बारिश के दौरान पटेल नगर के पास तीन गायें करंट की चपेट में आ गई। सुबह काफी देर तक गायों के शव मौके पर पड़े रहे। आस-पास रहने वाले लोगों ने इसकी सूचना नगर निगम कार्यालय में दे दी थी लेकिन काफी समय तक गायों के शव उठाने कोई नहीं पहुंचा था।
क्षेत्रवासियों में नगर निगम और बिजली आपूर्ति करने वाली निजी कम्पनी के खिलाफ काफी आक्रोश भी देखा गया। लोगों का कहना था कि बारिश से पहले ही सुरक्षा के प्रबंध कर लेने चाहिए लेकिन निगम और बिजली आपूर्ति कर रही निजी कम्पनी को किसी भी प्रकार की चिंता नहीं है।











