नहीं मिल रहा वेतन, टरका रहे हैं अधिकारी

अभी भी संघर्ष कर रहे अरबन बैंक कर्मी

बीकानेर। लालफीताशाही के चलते अरबन (urban bank) कॉ-ऑपरेटिव बैंक के बचे हुए कर्मचारियों को भी वेतन नहीं दिया जा रहा है। अरबन बैंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरबन बैंककर्मियों को बैंक के नियुक्त प्रशासक के पास भेज रहे हैं। प्रशासक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी से बात करने का कह कर टरका रहे हैं। अधिकारियों के इस रवैये से परेशान अरबन बैक कर्मियों ने सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार को इस बारे में ज्ञापन भी दिया है।

अरबन बैंक कर्मी अशोक शर्मा और राजकुमार ओझा ने बताया कि वर्षों तक आन्दोलन करने के बाद विभाग की ओर से जो समेकित वेतन दिया जाता था, वह पिछले नौ महीनों से नहीं दिया जा रहा है। इस बारे में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मल्लाराम चौधरी से कई बार अनुरोध किया गया। लेकिन उन्होंने कई बार टालने के बाद कहा कि इस बारे में प्रशासक से बात करें और उनके आदेश करवाकर लाएं। फिर वे प्रशासक राजेश टाक–जो कि केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक हैंं–के पास गए और वेतन दिए जाने के आदेश मुख्य कार्यकारी को देने का निवेदन किया। प्रशासक ने साफ तौर पर मना कर दिया और मौखिक रूप से कहा कि ‘मुख्य कार्यकारी अधिकारी मेरे पास आएंगे तो उनसे बात करेंगे।’ इस प्रकार अरबन बैंक के प्रशासक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी वेतन दिए जाने की बजाय इधर से उधर भेजने में लगे हैं।

अरबन बैंक कर्मी आशाराम पुरोहित ने बताया कि पूर्व में जो भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे हैं, उन्होंने कभी वेतन नहीं रोका था। रिजर्व बैंक ने जब इस संस्था पर रोक लगाई थी, तब भी उन्होंने वेतन एवं जरूरी खर्चों के भुगतान पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं किया था।

 

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