पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
बीकानेर। देहात कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने किसान आन्दोलन के दौरान पिछले दिनों नोखा के झाड़ेली में रहने वाले कुछ लोगों के साथ नोखा पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के मामले में पुलिस अधिकारी और दो कांस्टेबल को निलंबित करने की मांग का ज्ञापन वहां मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को दिया।
देहात कांग्रेस अध्यक्ष महेन्द्र गहलोत और कांग्रेस लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष बिशनाराम सियाग ने बताया कि किसान आन्दोलन के दौरान झाड़ेली निवासी मूलाराम, भागीरथ, रामकिशन, भंवरलाल, तोलाराम व जयनारायण को नोखा थाने में तैनात उपनिरीक्षक ओमप्रकाश यादव, कांस्टेबल कैलाश बिश्नोई और राजूराम गुर्जर ने बेवजह गिरफ्तार किया और थाने में रखकर बेरहमी से मारपीट की थी। इस बारे में 5 जून को पुलिस को अवगत कराते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन आज तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
नोखा क्षेत्र के लोग आज रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को ज्ञापन देने आए लेकिन वे बाहर हैं, इस वजह से कार्यालय में मौजूद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि अगर जल्दी ही इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आन्दोलन किया जाएगा।
वहीं इस मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसान आन्दोलन की आड़ में नोखा क्षेत्र में कुछ लोग किसानों को जबरन पकड़ कर उनकी टंकियों में भरा दूध सड़कों पर फेंक रहे थे। आन्दोलनकारियों को कहा गया कि वे जो वाहन दूध की टंकियां ले जा रहे हैं, उन्हें ही रोके। कस्बे में मोटरसाइकिल और साइकिल पर दूध की टंकी ले जाकर घर-घर दूध देने वालों को नहीं रोकें। इस पर वे नाराज हो गए और जीपों में भर कर थाने पहुंच गए। वहां भी शांति भंग करने की कोशिश की तो उन्हें फिर से समझाया गया था। पुलिस का काम शांति एवं कानून व्यवस्था को सुचारू रखना है।











