दिल्ली की दो एजेन्सियों को सौंपा सर्वे कार्य, एक लेगी लोगों से राय, दूसरी गुपचुप तैयार करेगी रिपोर्ट
बीकानेर। कांग्रेस तीन महीनों बाद तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी तय करने के लिए दो और सर्वे करवाने की तैयारी कर चुकी है। इसके लिए दिल्ली की दो एजेन्सियों को काम सौंपा गया है।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक जिन दो एजेन्सियों को सर्वे का काम सौंपा गया है, उन्होंने रविवार से ही विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लिए अपनी टीमों के गठन का काम शुरू कर दिया है।
जिस एजेन्सी को लोगों से मिलकर राय जानने का कार्य सौंपा गया है, उसके प्रतिनिधि सितम्बर के शुरुआती दिनों में यहां पहुंच जाएंगे।
जानकारों ने बताया कि इस बार सर्वे करने वाली एजेन्सियों के प्रतिनिधि टिकट दावेदारों से नहीं मिलेंगे बल्कि उनके क्षेत्रों में पहुंच कर आमलोगों से उनके बारे में राय लेेंगे। इस राय में दोनों पार्टियों के मजबूत प्रत्याशियों का नाम जानने की कोशिश की जाएगी।
इन नामों के आधार पर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के जातिगत समीकरण के संबंध में फैसला लिया जाएगा।
जानकारों ने बताया कि जिस एजेन्सी को गुपचुप रिपोर्ट तैयार करने का कार्य दिया गया है, उस एजेन्सी को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से टिकटों के दावेदारों के नामों की सूची सौंपी गई है और इन दावेदारों के नेगेटिव, पॉजीटिव पॉजीशन जानने तथा विधानसभा क्षेत्र में जातिगत समीकरण के हिसाब से कौन प्रत्याशी भारी रह सकता है, इसकी रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस एजेन्सी को यह काम संबंधित विधानसभा क्षेत्र के पूरी तरह से जानकार व्यक्ति से करवाने के लिए कहा गया है। इसमें ऐसे लोगों के चयन की सलाह दी गई है, जो चिकित्सक, इंजीनियर अथवा मीडिया जैसे किसी पेशे जुड़े हुए हों तथा जिन्हें इलाके की राजनीतिक हलचल का पूरी तरह से पता हो।
सोशल मीडिया पर भी पैनी निगाहें
जानकारी के मुताबिक कांग्रेस ने अपनी एक विंग को पूरी तरह से सोशल मीडिया पर पैनी निगाहें जमाएं रखने को कह रखा है। सोशल मीडिया पर टिकट के दावेदारों को लेकर हो रही टिप्पणियों को जानने के काम में कांग्रेस ने इस विंग को लगा रखा है।
इसके साथ ही यूट्यूब और स्थानीय समाचार पत्रों, न्यूज पोर्टल पर भी निगाहें चौबंद रख कर स्थानीय नेताओं की गतिविधियों और उनसे संबंधित समाचारों के आधार पर भी रिपोर्ट तैयार करवाई जा रही है।