शाहपुरा, बीकानेर और डीडवाना में मारपीट की घटनाएं, आला नेता परेशान
बीकानेर। बूथ प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य को लेकर कांग्रेस (congress) की ओर से शुरू किए गए मेरा बूथ मेरा गौरव कार्यक्रम अखाड़ा बनते नजर आ रहे हैं। शाहपुरा में पार्टी के दो गुटों के बीच हुई मारपीट का मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि बीकानेर में शहर अध्यक्ष और पीसीसी सदस्य तथा डीडवाना में कार्यकर्ताओं के गुटों में मारपीट की घटनाएं सामने आ गई। शाहपुरा और डीडवाना में तो मारपीट तथा तोड़-फोड़ के मामले प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी के सामने ही हुए हैं। विधानसभा चुनाव से पहले इन मामलों के बाद सामने आई पार्टी की अंतर्कलह से आला नेता काफी परेशान हैं।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक पाटी के आला नेताओं को सूझ नहीं रहा कि वे इन घटनाओं को रोकने के लिए आखिर क्या जतन करें? क्योंकि ये कार्यक्रम पूरे प्रदेश में दो सौ विधानसभा क्षेत्रों में होने हैं। ऐसी घटनाएं अगर और हो जाती है तो पूरे प्रदेश की जनता के बीच गलत संदेश जाएगा। जिससे पार्टी को विधानसभा चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालांकि शाहपुरा में हुई मारपीट और तोड़-फोड़ के मामले में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने संज्ञान लिया था। जिसके चलते प्रदेश नेतृत्व ने दो छोटे कार्यकर्ताओं को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था, लेकिन प्रदेश नेतृत्व की इस कार्रवाई ने भी छोटे कार्यकर्ताओं में विद्वेष की भावना को उत्पन्न करने का काम ही किया है।
गुटबाजी खुलकर आ रही सामने
कार्यकर्ताओं के बीच जिस तरह से मारपीट व तोड़-फोड़ की घटनाएं सामने आ रही हैं उससे पार्टी की अन्दरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। इससे यह भी साफ हो रहा है कि प्रदेश में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कई खेमों में बंटे हैं। जिससे पार्टी में एकता की पोल भी खुल गई है। पार्टी की नजदीकी से जानकारी रखने वाले लोगों की माने तो प्रदेश में यह पहला मौका है जब प्रदेश प्रभारी और सह प्रभारी के सामने नेता और कार्यकर्ता आपस में मारपीट व एक-दूसरे के कपड़े फाड़ रहे हैं।











