नोखा हादसा : मलबे से निकाला गया बच्ची का शव

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बच्ची

और भी हादसे होने की आशंका

नोखा। कस्बे के 22 नम्बर वार्ड में शुक्रवार को बारिश के दौरान ढहे मकान के मलबे में से आज बच्ची का शव निकाल लिया गया। पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में लगभग 27 घंटे तक राहत कार्य चला।

जानकारी के मुताबिक इस हादसे में महिला तारादेवी और उसकी बेटी माया की मौत हो गई जबकि एक बच्ची को कल राहतकार्य के दौरान जीवित निकाल लिया गया था। आज सुबह ढहे मकान की सीमा से लगभग पांच-सात फीट दूर तीस फीट गहराई में बच्ची का शव मिला। पास ही में तारादेवी का कटा हाथ भी मिला है। दोनों शवों को कस्बे के राजकीय अस्पताल स्थित मोर्चरी में रखवाया गया है।

गौरतलब है कि ढहे मकान से 50 मीटर आगे क्षेत्र में पिछले वर्ष बरसात के दिनों में भी एक मकान ढह गया था। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि आज सुबह इसी मकान का गिरने से बचा हुआ आधा हिस्से के साथ ही पास में बने मकान का भी आधा हिस्सा ढह गया। क्षेत्र में करीब 200 वर्ग मीटर में जमीन में गहरी दरारें पड़ गई हैं। जिससे यहां बने अन्य मकानों के ढह जाने का खतरा बन गया है।

लोगों के अनुसार यह इलाका बजरी की खानों का है। यहां पर लोगों ने कब्जे करके मकान बना मजदूर वर्ग के लोगों को किराए पर दे रखे हैंं। अतिक्रमण की शिकायत कई बार नगर पालिका अधिकारियों को दी गई थी लेकिन उन्होंने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। यही वजह है कि लोग यहां बिना किसी रोकटोक के कब्जा कर मकान बनाने में लगे हैं।

बजरी की है खान

कस्बेवासियों के मुताबिक जिस क्षेत्र में यह हादसा हुआ है, वह क्षेत्र बजरी की खानों का है। यहां भूमाफियाओं ने कब्जे कर मकान बना लिए हैं। आननफानन में खान में मिट्टी की भराई कर बनाए गए मकान जरा सी बारिश आने पर ढहने लगते हैं। लालच की वजह से लोग यहां रह रहे हैं।

अगर प्रशासन ने जल्दी ही यहां से मकान खाली नहीं कराए तो आने वाले दिनों में ऐसे कई हादसे सामने आ सकते हैं।

 

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