बाल आयोग ने लगाई बच्चों को सरकारी कार्यक्रमों में ले जाने पर रोक
बीकानेर। राज्य बाल संरक्षण आयोग ने एक आदेश जारी कर बच्चों को सावर्जनिक कार्यक्रमों मेंं ले जाने पर रोक लगा दी है। आयोग ने शिक्षा विभाग को आदेश भेजकर इसका गंभीरता से क्रियान्वयन करने के लिए कहा है। ज्यादातर स्कूल संचालक बच्चों को कार्यक्रम में ले जाते हैं।
आयोग की अध्यक्ष मनन चौधरी ने कहा है कि रैलियों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बच्चों को ले जाने का कोई औचित्य नहीं है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। आदेश के अनुसार एड्स, पोलियो तथा निर्वाचन को छोडक़र किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में चौदह साल से कम आयु के बच्चों को शामिल नहीं किया जाएगा। अगर ऐसा किया गया तो इसे बाल अधिकारों का हनन मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने कहा है कि अगर किसी राष्ट्रीय कार्यक्रम में बच्चों को शामिल किया जाता है तो इसके लिए बनाई गई गाइड लाइन का पालन करना जरूरी होगा। गाइड लाइन के तहत थोड़ी-थोड़ी दूरी पर पानी की व्यवस्था करना, लेमन वाटर, रैलियों में बच्चों को बड़ी-बड़ी तख्तियां नहीं पकड़वाना, तेज आवाज में नारेबाजी नहीं करवाना, धूप से बचाव, शौचालय की उचित व्यवस्थाएं, खाने-पीने की सुविधा आदि शामिल हैं।