कोलायत में बाल श्रम करते पकड़े गए थे दो नाबालिग
बीकानेर। बाल श्रम (child labour) करते पकड़े गए दो नाबालिगों को बाल कल्याण समिति ने आज जिला सत्र न्यायाधीश के कक्ष में उनके परिजनों को सौंपा। नौ जून को कोलायत में दोनों नाबालिग आइसक्रीम बेच रहे थे। उस दौरान पुलिस ने इन्हें पकड़ा था और इनसे बाल श्रम करवाने के आरोप में आईस फैक्ट्री के दो मालिकों के खिलाफ मामले दर्ज किए थे।
पुलिस द्वारा इन दोनों नाबालिगों को जिला बाल कल्याण समिति को उसी दिन सौंप दिया गया था। तब से यह बालक बाल कल्याण समिति की देखरेख में राज्य किशोर व सम्प्रेषण गृह में थे। आज जिला सत्र न्यायाधीश की मौजुदगी में समिति ने इन दोनों बालकों को उनके परिजनों को सौंपा।
इस अवसर पर जिला सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार पारीक ने दोनों बालकों के परिजनों को नसीहत दी कि आइन्दा वे बालकों से श्रम नहीं करवाएं बल्कि उन्हें पढऩे के लिए स्कूल में दाखिला करवाएं। साथ ही उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे बाल श्रम (child labour) रोकने के लिए अपने-अपने स्तर पर सहयोग करें और बाल श्रम नहीं करवाएं।
समिति की ओर से आज अन्तरराष्ट्रीय बाल श्रम विरोधी दिवस पर दोनों बालकों के परिजनों से बंधक पत्र भरवाए, जिससे आगे वे अपने बालकों से श्रम नहीं करवाएंगे। समिति अध्यक्ष वाई.के.शर्मा ने बताया कि इस दौरान बाल श्रमिकों के पुनर्वास के लिए छात्रावासित विद्यालयों की स्थापना का सुझाव भी दिया गया है। जिससे बाल श्रम (child labour) में कमी लाई जा सके।
समिति ने सर्वजनों से अपील की कि घरों, दूकानों, व होटलों पर बाल मजदूरी करने वालों की सूचना पुलिस को दें, जिससे बाल श्रम को रोका जा सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष शर्मा, अनुराधा भार्गव, हाजरा बानो, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पवन अग्रवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पूर्णकालिक सचिव राहुल चौधरी भी मौजूद रहे।











