मुख्यमंत्री : आखिर क्यों है विरोध से भय

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चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस

बीकानेर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे के सामने कोई विरोध प्रदर्शन नहीं कर सके, इसके लिए उनके काफिले गुजरने वाली सड़कों पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही। सड़कों के किनारे खड़े लोगों में चर्चा थी कि मुख्यमंत्री को विरोध को लेकर इतना भय क्यों है।

गौरतलब है कि जिन सड़कों पर से सीएम का काफिला गुजरना था उन सड़कों पर काले कपड़े पहने लोगों को आगे खड़ा नहीं होने दिया गया। ये ही बात नागणेचेजी मंदिर में हुए कार्यक्रम के दौरान देखी गई। पुलिस के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेन्सियों की ओर से भी इस को लेकर पूरी सावधानी बरती जा रही थी। हालांकि राजस्थान डिजिफेस्ट में हुए कार्यक्रम में पहुंचे युवाओं को इसमें छूट दी गई लेकिन सुरक्षाकर्मी यहां और भी ज्यादा चाक-चौबन्द नजर आए।

सादुल क्लब मैदान पर हेलमेट वितरण कार्यक्रम में तो काली पेन्ट, शर्ट, टीशर्ट, स्कार्फ आदि पहने लोगों को कार्यक्रम स्थल पर नहीं जाने दिया गया। हालांकि इस कार्यक्रम में हेलमेट लेने पहुंचे ज्यादातर लोगों ने वसुन्धरा राजे और देवीसिंह भाटी के फोटो छपी सफेद रंग की टीशर्ट पहन रखी थी लेकिन इस टीशर्ट के साथ काली पेन्ट पहने लोगों को कार्यक्रम में शामिल नहीं होने दिया गया।

लोगों में इस बात को लेकर काफी चर्चा थी कि मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे में विरोध का इतना भय क्यों है। कोई अगर अच्छा काम करता है तो उसका विरोध होना भी संभावित होता है। और विरोध भी लोकतंत्र का हिस्सा ही है।

नागणेचेजी मंदिर जाते समय कांग्रेस कार्यकर्ताओं की ओर से सीएम को काले झण्डे दिखाए जाने के बाद पुलिस ने और ज्यादा सतर्कता बरतनी शुरू कर दी। जानकारी के मुताबिक पुलिस को भनक लगी कि जिला प्रमुख के घर के आगे सीएम का विरोध किया जा सकता है तो पुलिस ने वहां भारी तादाद में आरएसी के जवान तैनात कर दिए।

बताया जा रहा है कि इस दौरान जिला प्रमुख अपने घर से बाहर खड़ी थीं। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने उन्हें भी घर के अन्दर जाने को कहा था। जब तक सीएम का काफिला वहां से निकल नहीं गया तब तक पुलिस और आरएसी के जवान वहां मुस्तैदी से तैनात रहे।

 

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