मुख्यमंत्री का पुतला फूंका, न्याय की गुहार

2421
मुख्यमंत्री का पुतला फूंका

गारबदेसर निवासी सावित्री की मौत का मामला

बीकानेर। पिछले दो दिनों से कलक्टर कार्यालय के सामने धरने पर दलित समाज के लोगों ने गुरुवार को मुख्यमंत्री का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारियों ने मृतक सावित्री देवी के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए सरकार और प्रशासन से आग्रह किया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गारबदेसर निवासी सावित्री नायक 28 मई को अपने ससुराल से पीहर जाने के लिए निकली थी। तभी गारबदेसर के सरपंच गणपत दास स्वामी तथा ग्राम सेवक देवीलाल बावरी और ड्राइवर राम कुमार नायक उसे अपने साथ ले गए और सामुहिक बलात्कार कर सावित्री को गांव के पास पटक कर चले गए। गिरने से घायल हुई सावित्री का उपचार पीबीएम में चल रहा था लेकिन चार मई की रात उसकी मौत हो गई।

उन्होंने कहा की जब लूनकरणसर पुलिस को सारे मामले की रिपोर्ट दी गई तो पुलिस ने आरोपियों को बचाने की कोशिश की और सरपंच व ग्रामसेवक को नामजद नहीं किया।

गौरतलब है कि मृतक सावित्री देवी के परिजनों ने 5 मई को मोर्चरी के आगे धरना दिया था। उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से समझाइश की गई थी लेकिन प्रशासन और परिजनों के बीच हुई वार्ता विफल हो जाने से मृतक का शव नहीं उठाया गया और परिजनों ने कलक्टर कार्यालय के आगे धरना देना शुरू कर दिया।

फिलहाल सावित्री का शव मोर्चरी में अपने अंतिम संस्कार के लिए इंतजार कर रहा है और परिजनों का धरना जारी है।

 

अपना उत्तर दर्ज करें

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.