केन्द्रीय राज्यमंत्री की मौजूदगी में प्रदेश के सहकारिता मंत्री सेे पार्षदों की बहस
बीकानेर। प्रदेश के विधानसभा चुनाव सिर पर हैं और भाजपा की अन्तर्कलह बढ़ती नजर आ रही है। आज नन्दी गोशाला के शिलान्यास कार्यक्रम में पार्षदों का महापौर और नगर निगम के अधिकारियों के प्रति खासा गुस्सा दिखाई दिया। कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल की मौजूदगी में प्रदेश के सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक से भाजपा पार्षदों की बहस हो गई।
देर तक चली बहस में सहकारिता मंत्री ने अपनी ही पार्टी के नाराज पार्षदों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतें सरकार तक और संबंधित मंत्रालय तक पहुंचा कर निस्तारण करवाया जाएगा।
सहकारिता मंत्री जब नन्दी गोशाला के शिलान्यास करने यहां पहुंचे तो भाजपा पार्षदों ने उनसे मिलने की इच्छा जता दी थी। इसके बावजूद सहकारिता मंत्री उनसे नहीं मिले। इसके बाद जब सहकारिता मंत्री, केन्द्रीय राज्य मंत्री, महापौर सहित निगम के अधिकारी नन्दी गोशाला निर्माण स्थल पहुंचे और उन्होंने नींव रख दी। इसी दौरान भाजपा के पार्षद राजेन्द्र शर्मा, भगवतीप्रसाद गौड, शम्भू गहलोत, पंकज गहलोत, नरेश जोशी आदि ने उन्हें घेर लिया और महापौर, निगम अधिकारियों के व्यवहार से सहकारिता मंत्री को अवगत कराया। इस पर पहले तो सहकारिता मंत्री भी नाराज हो गए और कहने लगे कि ‘ये कोई तरीका है बात करने का, पहले कार्यक्रम पूरा हो जाने दो, फिर आराम से बैठकर बात करेंगे।’ लेकिन पार्षदों के परवान चढ़े गुस्से को भांप कर उन्होंने उनकी शिकायतों को सुना। पार्षदों ने दिल खोल कर पार्टी के आला नेताओं तक पहुंचाई गई शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं किए जाने की बात बताई। इस पर क्लिक ने आश्वासन दिया कि ‘वैसे तो यह मामला उनके मंत्रालय का नहीं है। फिर भी वे उनकी सभी शिकायतों और समस्याओं को मुख्यमंत्री व संबंधित मंत्रालय तक पहुंचा कर निस्तारण करवाएंगे।
हालांकि सहकारिता मंत्री से मिले आश्वासन के बाद भाजपा के पार्षद तो शांत हो गए लेकिन उनके द्वारा उठाई गई पार्टी के आला नेताओं की शिकायतों के बाद यह जगजाहिर हो गया कि भाजपा अपनों के भंवर में फंस चुकी है।
भाजपा की अन्तर्कलह सार्वजनिक हो गई है। विरोधी राजनीतिक दल इसका फायदा विधानसभा चुनावों में उठाने की कोशिश करेंगे।
ये थी भाजपा पार्षदों की शिकायतें
जानकारी के मुताबिक भाजपा पार्षदों का कहना था कि कई बार लिखित में दिए जाने के बाद भी आवासन मण्डल की ओर से विकसित की गई कॉलोनियों को नगर निगम अपने अधीन नहीं ले रहा है। जिसकी वजह से आवासन मण्डल की कॉलोनियों में विकास नहीं हो रहा है। कॉलोनियों में रहने वाले लोग अपने क्षेत्र के पार्षदों को दोषी ठहरा रहे हैं। ऐसे में चुनावों के दौरान उनसे वोट किस आधार पर मांगने जा सकेंगे।
सफाई कर्मियों की भर्ती के लिए निकाली गई लॉटरी कार्यक्रम में भाजपा पार्षदों की पूरी तरह से उपेक्षा की गई। जबकि सफाईकर्मियों की भर्ती के लिए भाजपा पार्षदों ने ही धरना लगाया और प्रदर्शन किया था। इसके बाद कांग्रेस की ओर से धरना दिया गया था। इन सबके बावजूद निगम अधिकारियों ने कांग्रेस के धरने पर पहुंच कर उन्हें भर्ती के लिए आश्वासन दिया और साथ ही इस काम का श्रेय भी कांग्रेस को दे दिया।
कैसे सफल होगी प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा
भाजपा पार्षदों और सहकारिता मंत्री की बहस ऐसे समय हुई है जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जयपुर में होने वाली जनसभा में कुछ ही दिन बाकि है। हैरानी की बात तो यह है कि इस वाकये के दौरान केन्द्रीय अर्जुनराम मेघवाल भी मौके पर मौजूद थे। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक केन्द्रीय राज्यमंत्री भी इस मामले में भाजपा पार्षदों को ज्यादा संतुष्ट नहीं कर सके थे। ऐसे में राजनीतिक मामलों से जुड़े लोगों का यह कहना है कि प्रधानमंत्री की जनसभा के लिए केन्द्रीय राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल को प्रभारी बनाया गया है, लेकिन वाकये को देखते हुए यह लगता है कि पार्टी के अन्दर कलह इतनी है कि कार्यकर्ता उनका भी कहना नहीं मान रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा सफल हो जाए, इसमें भी संशय ही लग रहा है।











