कभी भी हो सकती है घोषणा
बीकानेर। पिछले 54 दिनों से खाली पड़ी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की ताजपोशी को लेकर अब दिल्ली ने मन बना लिया लिया है। माना जा रहा है कि पार्टी के शीर्ष नेताओं की ओर से इस संबंध में प्रदेश की मौजूदा स्थिति को लेकर चल रही चर्चाओं का दौर पूरा हो गया है। अब जल्दी ही नए प्रदेशाध्यक्ष की घोषणा कर दी जाएगी।
पार्टी के इतिहास में संभवत: यह पहला मौका है जब प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी खाली होने के बाद इतने दिनों तक पार्टी इस पद की ताजपोशी नहीं कर सकी। कभी प्रेशर पॉलिटिक्स तो कभी खेमेबंदी के चलते प्रदेशाध्यक्ष के नाम की घोषणा दिल्ली नहीं कर सका। लेकिन अब माना जा रहा है कि इस संबंध में पार्टी स्तर पर चिंतन-मनन पूरा हो चुका है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बारे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच भी चर्चा हो चुकी है। जिसमें प्रदेश के सियासी हालात को देखते हुए जल्दी ही प्रदेशाध्यक्ष पद पर नियुक्ति का फैसला लिया जा सकता है
जानकारों के अनुसार प्रदेशाध्यक्ष पद पर नियुक्ति के मामले में प्रदेश नेतृत्व की दिल्ली में सुनी जाएगी या नहीं, इस पर सभी लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं। जानकारों का मानना है कि इतने समय तक इस मामले को टालने के पीछे यहां की सियासी उलझनों को समझते हुए आगे का निर्णय करना रहा है। माना जा रहा है पूर्व में इस पद के लिए जो नाम चर्चा में आए थे, उन्हीं में से किसी एक को प्रदेशाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया जा सकता है।।
गौरतलब है कि प्रदेशाध्यक्ष पद पर से अशोक परनामी के इस्तीफे के बाद से ही इस पद को लेकर पार्टी नेताओं में गतिरोध बना हुआ है। दिल्ली की ओर से प्रदेशाध्यक्ष पद पर अपने चहेते गजेन्द्रसिंह शेखावत का नाम आगे रखने के बाद से पार्टी में सियासत गर्मा गई। प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की थी और शेखावत के नाम पर असहमति जताते हुए अपनी तरफ से नेताओं के नाम आगे रख दिया था।
अभी तक पार्टी के शीर्षस्थ नेताओं के बीच बैठकों और चर्चा के दौर के बाद भी इस बारे में स्थाई हल नहीं निकल सका है।