संगठन में पद लेने वालों को टिकट नहीं देने के कयास
बीकानेर। भाजपा में प्रदेश कार्यकारिणी में पुनर्गठन की कवायद चल रही है। संगठन में पद लेने वालों को विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिए जाने के कयासों के चलते पार्टी मुख्यालय में पद लेने वालों की भीड़ नजर नहीं आ रही है। संगठन में पद लेने को लेकर इस बार न तो कहीं दबाव दिख रहा है और न ही कहीं कोई लॉबिंग।
जानकारी के अनुसार प्रदेश भाजपा मुख्यालय में तीन कार्यालय प्रभारियों को मौखिक रूप से हटाने के बाद संगठन में व्यापक बदलाव के कयास लगाए जा रहे हैं।
पार्टी से जुड़े लोगों का कहना है कि पहली बार संगठन में पद को लेकर आपसी खींचतान नहीं दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है इस बार जो संगठन में पद लेंगे, उनको विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया जाएगा। इसी आशंका के चलते कई नेताओं ने प्रदेश मुख्यालय जाना ही बंद कर दिया है।
पहले से विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे पदाधिकारी अभी से प्रदेशाध्यक्ष से मिलकर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं, ताकि उनको संगठन में पद देकर टिकट की दौड़ से बाहर नहीं किया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को जयपुर में हुई कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के कई राष्ट्रीय नेता मौजूद रहे थे। बैठक में विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तय की गई है। शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी जयपुर में कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे हैं।
इसके बाद वे भी प्रदेश कार्यसमिति के साथ बैठक कर विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विचार-विमर्श कर पदाधिकारियों को दिशा-निर्देश देंगे। इस दौरान संगठन में बदलाव किए जाने पर भी मंथन किया जा सकता है।











